चीनी वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की क्रस्ट में 10 हजार मीटर (10 किमी या 32,808 फीट) गहरा छेद करना प्रारम्भ कर दिया है. चीन सतह के ऊपर और नीचे नयी सीमाओं को खोजना चाहता है.
चीन में मुस्लिम और गवर्नमेंट आमने-सामने हैं. चीन में मुसलमानों की मस्जिद को तोड़ने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि उसके बाद ये समाचार आई कि चीन ने एक और मुसलमान क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा गड्ढा खोदना प्रारम्भ कर दिया है. चीन इस मुसलमान क्षेत्र में 10 हजार मीटर गहरा गड्ढा खोद रहा है. ये गड्ढा हिंदुस्तान से अधिक दूर नहीं है. वहीं एक मीडिया रिपोर्ट में यहां तक दावा किया गया है कि चीन 1-2 नहीं बल्कि 16 हजार मस्जिदों को निकल चुका है.
करना क्या चाहता है चीन
चीनी वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की क्रस्ट में 10 हजार मीटर (10 किमी या 32,808 फीट) गहरा छेद करना प्रारम्भ कर दिया है. चीन सतह के ऊपर और नीचे नयी सीमाओं को खोजना चाहता है. चीन ने अब तक के सबसे गहरे बोरहोल के लिए ड्रिलिंग मंगलवार को राष्ट्र के तेल-समृद्ध शिंजियांग क्षेत्र में प्रारम्भ की. इस समय धरती पर सबसे गहरा होल रूस में है. यह प्रोजेक्ट बहुत कठिनाई है. चाइनीज एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के एक वैज्ञानिक सन जिनशेंग ने ड्रिलिंग के दौरान आने वाली मुश्किल की तुलना ‘दो पतले तारों पर चलने वाले बड़े ट्रक’ से की है.
16 हजार मस्जिद गायब होने का दावा
दरअसल, चीन इस्लाम से जुड़ी सभी चीजों को धीरे-धीरे करके मिटा रहा है. चीनी गवर्नमेंट ने अभियन छेड़ा हुआ है कि वो राष्ट्र की सभी मस्जिदों पर मेड इन चाइना छाप छोड़ देगा. मतलब साफ है कि या तो वो मस्जिदों को पूरी तरह तोड़ देगा या फिर उसकी बनावट को ही बदल देगा. चीन के हुनान प्रांत में हाल ही में एक मस्जिद के पुनर्निमाण के दौरान पुलिस और लोगों के बीच झड़प हो गई. युन्नान प्रांत में जातीय रूप से हुई मुसलमानों के लिए इबादत और धार्मिक शिक्षा की एक जरूरी नजियायिंग मस्जिद के गुबंद और मिनार को तोड़ने की प्रयास करने पर भीड़ के साथ झड़प हुई. बताया जा रहा है कि ये मस्जिद कई सौ वर्ष पुरानी है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में चीन ने युन्नान और शिनजियांग के इलाकों में 16 हजार मस्जिदों को तोड़ दिया है. ये वही क्षेत्र है जहां उईगर मुसलमान रहते हैं.