पाकिस्तान के लोग उस बात से डरे है कि उनका देश टूट जाएगा. सोशल मीडिया पर भी घबराहट साफ नजर आ रही है. पाक की गरीबी में आटा गीला ऊपर से चेहरे का नक्शा भी बिगड़ रहा है.
पाकिस्तान को टूटने का डर सता रहा है. वहां की आवाम से लेकर शाहबाज गवर्नमेंट तक कि रातों की नींद गायब है. दरअसल, हिंदुस्तान की नयी संसद के अखंड हिंदुस्तान के नक्शे को देखकर पाक की चेहरे की हवाईयां उड़ गई हैं. पाक के लोग उस बात से डरे है कि उनका देश टूट जाएगा. सोशल मीडिया पर भी घबराहट साफ नजर आ रही है. पाक की गरीबी में आटा गीला ऊपर से चेहरे का नक्शा भी बिगड़ रहा है.
शाहबाज शरीफ के सामने एक मुसीबत समाप्त नहीं होती तो दूसरी खड़ी हो जाती है. इस वर्ष जनवरी से विदेश मंत्री इशाक डार अपनी जनता को बरगला रहे थे कि बस किसी भी दिन आईएमएफ ऋण में करोड़ों $ दे डेगाम लेकिन वो सबकुछ असत्य निकला. आईएमएफ से पाक को कुछ नहीं मिला. उल्टा पाक में महंगाई का रिकॉर्ड बन गया. आईएमएफ ने शाहबाज शरीफ के लिए अपने दरवाजे बंद कर लिए. डिफॉल्ट से बचने के चक्कर में पाक में महंगाई का रिकॉर्ड बन गया. आईएमएफ ने पाक को 100 करोड़ $ तो क्या 1 $ भी नहीं दिया. अब शाहबाज शरीफ ने आईएमएफ के सामने दोबारा झोली फैलाकर गुहार लगाई है.
मतलब पाक चाहे या न चाहे उसके सामने आईएमएफ के सामने कटोरा फैलाने का ही ऑप्शन है. आखिर उसका दोस्त चीन कब तक उसके कटोरे में पैसा डालेगा. एक न एक दिन तो चीन भी हाथ खड़े कर सकता है. पाक को आईएमएफ से 650 करोड़ $ मिलना था. इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक आईएमएफ के साथ आठ राउंड की बैठक हुई. लेकिन पाक का कटोरा खाली ही रह गया. अब शाहबाज गवर्नमेंट आईएमएफ से मिली उस तिरस्कार को भुलाकर फिर से उसी के पास जाने की तैयारी में है. अबकी बार ढाई हजार करोड़ अमेरिकी $ जुटाने के लिए आईएमएफ से गुहार लगाया है. इस बार शाहबाज गवर्नमेंट ने आईएमएफ से बात की है.