जैसलमेर। पूर्वी राजस्थान में जैसलमेर (Jaisalmer) के रामगढ़-लोंगेवाला सड़क मार्ग पर स्थित पुल के पास नहर में नहाने उतरे दो भाई पानी के तेज बहाव में बह गए। पानी में डूब जाने से दोनों की मृत्यु हो गई। हादसे की सूचना पर सिविल डिफेंस और क्षेत्रीय गोताखोरों ने उनकी तलाश में नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। शनिवार को एक पुरुष का मृत शरीर मिल गया था लेकिन दूसरा नहीं मिला। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने वाली टीम ने रविवार सुबह दूसरे पुरुष के मृत शरीर को भी ढूंढ निकाला है। शवों को क्षेत्रीय हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया गया है। हादसे के बाद युवकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक हादसे के शिकार हुए युवकों के नाम राजू सिंह और पूर्ण सिंह हैं। दोनों चचेरे भाई थे। वे शनिवार को अपने दो अन्य दोस्तों के साथ तनोट माता के दर्शन करने के लिए कार से जा रहे थे। रास्ते ये लोग आईजीएनपी नहर के पुल के पास रुके। इस दौरान राजू सिंह और पूर्ण सिंह नहर में बनी सीढ़ियों पर बैठ कर नहाने लगे। अचानक उनमें से एक पुरुष फिसल कर नहर में बहने लगा तो दूसरे ने उसे पकड़ने का कोशिश किया। लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि दोनों को संभलने का मौका नहीं मिला और पानी बह गए।
युवक के साथी बेबस होकर देखते रहे
इस दौरान उनके दोनों साथी अपने साथियों को पानी की तेज रफ्तार से बहता देखते रहे लेकिन कुछ नहीं कर पाए। बाद में उन्होंने तुरन्त घटना की सूचना पुलिस प्रशासन को दी। इस पर पर नहर विभाग के कर्मचारी और कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों को नहर में ढूंढने के कोशिश किया। कुछ देर बाद नहर में राजू सिंह का मृत शरीर मिल गया लेकिन पूर्ण सिंह का पता नहीं चल पाया। घटना की सूचना मिलने पर जैसलमेर जिला प्रमुख प्रताप सिंह सोलंकी भी मौके पर पहुंचे।
रात को रेस्क्यू ऑपरेशन बंद करना पड़ा
हादसे के करीब दस घंटे बाद भी दूसरे पुरुष पूर्ण सिंह का मृत शरीर मिला। उसके बाद क्षेत्रीय तैराकों के साथ सीमा सुरक्षा बल के जवान और बिजलीघर के कर्मचारी नहर में उतरे लेकिन फिर भी कामयाबी नहीं मिली। बाद में रात हो जाने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बंद करना पड़ा। रविवार को सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारम्भ किया तब जाकर पूर्ण सिंह का मृत शरीर मिल पाया।
दोनों भाई ट्रक चालक थे
पुलिस की जांच में सामने आया है कि चारों पुरुष पहले शनिवार को सुबह मोहनगढ़ पहुंचे थे। वहां से उन्हें जैसलमेर होते हुए भादरिया जाना था। लेकिन जैसलमेर से भादरिया की तरफ रवाना होने के बाद गाड़ी को वापस घुमाया और तनोट माता के दर्शन के लिए रामगढ़ की ओर रवाना हो गए। रामगढ़ से महज पांच किलोमीटर दूर स्थित नहर के पुलिए के पास कार रोकी और नहाने लगे। प्रत्यक्षदर्शी अनोप सिंह और डूंगर सिंह ने बताया कि पूर्ण सिंह तथा राजू सिंह चचेरे भाई थे। दोनों ट्रक चालक थे। वे बीकानेर के छतरगढ़ के रहने वाले थे।