राजस्थान की धार्मिक नगरी मेहंदीपुर बालाजी (Mehndipur Balaji) की धर्मशाला के कमरा नंबर 13 की मर्डर मिस्ट्री (Murder Mystery) का आखिरकार दौसा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 22 वर्षीय लड़की की मर्डर के मुद्दे में स्त्रियों की स्मग्लिंग से जुड़े दो आरोपियों को अरैस्ट करने में कामयाबी हासिल की है। मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने रुड़की, हरिद्वार, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और अलीगढ़ में जाल बिछाया। लेकिन वह हर बार पुलिस से बच निकला। आखिरकार आरोपी को वृंदावन के छटीकरा चौराहे से पकड़ा गया। मुख्य आरोपी की निशानदेही से उसकी साथी किरण यादव को महुआ से अरैस्ट किया गया है।
दौसा पुलिस अधीक्षक संजीव नैन के अनुसार 2 जनवरी को दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी की मुल्कराज धर्मशाला के कमरा नंबर 13 में 2 स्त्री और एक पुरुष ठहरे थे। इस दौरान एक आईडी प्रूफ के लिए एक आधार कार्ड दिया गया था। 2 जनवरी की रात को ही कमरे से एक स्त्री और पुरुष फरार हो गए। 2 दिन तक कमरे के ताला लगा रहा। धर्मशाला के मैनेजर को जब बदबू आई तो उसने पुलिस को मौके पर बुलाया। उसके बाद कमरे का गेट तोड़ा गया तो उसमें एक लड़की की मृत शरीर मिली। धर्मशाला में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। 3 लोगों में से सिर्फ एक का आई कार्ड लिया गया था। वह भी फर्जी था।
लड़की 31 दिसंबर को परिजनों से नाराज होकर निकली थी
ऐसे में मेहंदीपुर बालाजी पुलिस के सामने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने की बड़ी चुनौती थी। कमरा नंबर 13 में ठहरने वाले लोगों की भाषा यूपी की थी। ऐसे में पुलिस ने यूपी के विभिन्न क्षेत्रों में किसी स्त्री या लड़की की गुमशुदगी की जांच कराई तो पता चला कि 2 जनवरी को बरेली में एक लड़की की गुमशुदगी दर्ज हुई है। वह 31 दिसंबर को अपने परिजनों से किसी बात से नाराज होकर घर से चली गई थी। पुलिस ने लड़की के परिजनों को फोटो दिखाई तो उसकी पहचान हो गई।
आरोपियों को मथुरा जंक्शन पर लड़की मिली
उसके बाद दौसा जिला हॉस्पिटल में परिजनों ने आकर मृत शरीर बेटी का ही होने की पुष्टि की। पुलिस ने इस मुद्दे में लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले गैंग होने की आसार के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाई। तब पता चला कि अलीगढ़ में कुछ लोग इस तरह के क्राइम में लिप्त हैं। पुलिस को वहां डाक्टर अजय और सुरेंद्र नाम दो संदिग्ध नजर आए। पुलिस ने लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि डाक्टर अजय का नाम पवन शर्मा है और वह अपनी प्रेमिका संगीता के साथ रहता है। जांच में सामने आया कि 2 जनवरी को पवन शर्मा और उसकी एक अन्य स्त्री मित्र किरण यादव मथुरा जंक्शन पर थे।
चाय में नशे की गोलियां मिलाकर पिलाई
इसी दौरान उन्हें लड़की दिखाई दी। बरेली की यह लड़की वेटिंग रूप में परेशान सी नजर आ रही थी। ऐसे में आरोपी अजय और किरण उससे वार्ता करने लगे और उसे योगदान करने तथा शॉपिंग कराने का झांसा दिया। उसके बाद उसे मेहंदीपुर बालाजी चलने के लिए राजी कर लिया। 2 जनवरी को ही आरोपियों ने मेहंदीपुर बालाजी में मुल्कराज धर्मशाला में कमरा नंबर 13 किराए पर ले लिया। रात को आरोपी पवन ने लड़की की चाय में नशे की गोलियां मिला दी। उसके बाद जब वह बेहोश होने लगी तो पवन ने उसके साथ बलात्कार का कोशिश किया।
आरोपी ने लड़की से बलात्कार करने का कोशिश किया था
इसी दौरान लड़की जाग गई और वह विरोध करने लगी। इस आरोपी पवन ने उसका सिर दीवार से दे मारा और गला दबा दिया। इससे लड़की की मृत्यु हो गई। मर्डर की वारदात के बाद आरोपी पवन और किरण दोनों रात को ही कमरा नंबर 13 लॉक करके फरार हो गए। इधर धर्मशाला के मैनेजर ने सोचा कि कमरा नंबर 13 में जो लोग ठहरे हुए हैं वे मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन के लिए गए हैं। लेकिन 4 जनवरी को जब कमरे से बदबू आने लगी तो तुरन्त पुलिस को मौके पर बुलाया।
दोनों आरोपी लड़कियों की स्मग्लिंग करने के काम में लिप्त हैं
पुलिस ने अब इस मुद्दे में अलीगढ़ निवासी पवन शर्मा और आजमगढ़ निवासी किरण यादव को अरैस्ट कर लिया है। दोनों ही आरोपी लड़कियों को अपने चंगुल में फंस आते थे और उन्हें फिर बेच देते थे। पिछले लंबे समय से ये दोनों आरोपी इसी तरह के धंधे में लिप्त हैं। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी पवन शर्मा के विरूद्ध भरतपुर के डीग थाने में लड़कियों की स्मग्लिंग करने का केस दर्ज है। पुलिस अब आरोपियों द्वारा पूर्व में लड़कियों की स्मग्लिंग किए जाने वाले मामलों की पड़ताल कर रही है। हत्याकांड का खुलासा करने के लिए मेहंदीपुर बालाजी और डीएसटी की कुल 4 टीमें पिछले करीब 6 दिनों से स्थान जगह दबिश दे रही थी। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए मथुरा, आगर, अलीगढ़ और हाथरस सहित अनेक स्थान दबिश दी।