भारतीय क्रिकेट टीम के पास इस समय कोई चीफ सलेक्टस नहीं है. लेकिन क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने स्त्री चयन समिति और जूनियर क्रिकेट समिति में एक चयनकर्ता के पदों के लिए आवेदनों की जांच की. क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) में सुलक्षणा नाइक, अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे. इन तीनों ने इसकी जांच की और उक्त पदों के लिए सर्वसम्मति से श्यामा डे शॉ और वीएस तिलक नायडू की सिफारिश की है.
दोनों पूर्व खिलाड़ियों का करियर
श्यामा डे शॉ एक बाएं हाथ की बल्लेबाज और मध्यम गति की गेंदबाज हैं. उन्होंने हिंदुस्तान के लिए तीन टेस्ट और पांच वनडे मैचों में हिंदुस्तान का अगुवाई किया हैं. उन्होंने पहली बार 1985 से 1997 तक घरेलू क्रिकेट में बंगाल का अगुवाई किया और फिर 1998 से 2002 तक रेलवे का अगुवाई किया. अपने खेल करियर के बाद, उन्होंने दो कार्यकालों के लिए बंगाल चयनकर्ता के रूप में कार्य किया. अब वह बीसीसीआई के साथ जुड़ने जा रही हैं. वह भारतीय स्त्री क्रिकेट टीम चयन समिति का हिस्सा होंगी.
पूर्व विकेटकीपर और बल्लेबाज वीएस तिलक नायडू ने 1998-99 से 2009-10 तक कर्नाटक के साथ-साथ दलीप ट्रॉफी और देवधर ट्रॉफी में साउथ जोन का अगुवाई किया है. अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के साथ, उन्होंने 93 प्रथम श्रेणी मैचों में 4386 रन बनाए हैं. नायडू ने 2013 से 2016 तक, KSCA जूनियर चयन समिति की अध्यक्षता की और 2015-16 सेशन के दौरान KSCA की वरिष्ठ चयन समिति में भी काम किया. वह अब जूनियर क्रिकेट कमेटी के साथ भारतीय जूनियर टीम के साथ काम करेंगे. नायडू को इस कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है. इस कमेटी में पहले से 4 अन्य लोग शामिल हैं. अब ये पांच भारतीय क्रिकेट के आने वाले कल को सवारने का काम करेंगे.
महिला चयन समिति: नीतू डेविड (अध्यक्ष), रेणु मार्गरेट, आरती वैद्य, कल्पना वेंकटचार, श्यामा डे शॉ.
जूनियर क्रिकेट कमेटी: वीएस तिलक नायडू (चेयरपर्सन), रणदेव बोस, हरविंदर सिंह सोढ़ी, पथिक पटेल, कृष्ण मोहन.