लालू यादव के करीबी भोला यादव और हृदयानंद चौधरी को न्यायालय ने 2 अगस्त तक सीबीआई की रिमांड में भेज दिया है। सीबीआई ने दोनों की गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में पेश किया। CBI ने न्यायालय से दोनों की 10 दिनों की रिमांड मांगी लेकिन न्यायालय ने सीबीआई को एक सप्ताह की रिमांड दी है। आईआरसीटी से जमीन के बदले जॉब देने के घोटाले में CBI ने भोला यादव और हृदयानंद चौधरी को अरैस्ट किया है। कभी लालू यादव की बेटी को मुंहबोली बहन बता कर सुर्ख़ियों में आने वाले हृदयानंद चौधरी अभी पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर तैनात हैं। हृदयानंद चौधरी की गिरफ्तारी के बाद अब लालू यादव की बेटी हेमा यादव पर भी जांच की तलवार लटक रही है। दरअसल हृदयानंद चौधरी ने हेमा यादव को अपनी भावनात्मक बहन बताकर उन्हें जमीन गिफ्ट की थी।
दरअसल आईआरसीटी रेलवे भर्ती घोटाला साल 2004 से 2009 के बीच के समय का है। लालू यादव पर रेल मंत्री रहते हुए नौकरी लगवाने के बदले जमीन और प्लॉट लेने का आरोप है। इस मुद्दे में 18 मई को CBI ने लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव समेत अन्य लोगों के विरूद्ध FIR दर्ज की थी। लालू यादव की बेटी हेमा यादव को अपनी भावनात्मक बहन बताकर उन्हें जमीन गिफ्ट की थी। दरअसल मई 2022 को CBI की चार सदस्यीय टीम को पूछताछ के दौरान हृदयानंद चौधरी के बड़े भाई देवेंद्र चौधरी ने बोला था कि हेमा यादव को अपनी भावनात्मक बहन बताकर उन्हें जमीन गिफ्ट की थी।
बता दें कि आईआरसीटी रेलवे भर्ती घोटाला मुद्दे में 18 मई को CBI ने लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव समेत अन्य लोगों के विरूद्ध FIR दर्ज की थी। इसी वर्ष मई में एक साथ 17 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। CBI द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में वैसे लोगों को भी नामजद किया गया है। जिन्होंने लालू परिवार को जमीन देकर जॉब पाई है। जमीन किसने और कितनी दी इसका भी जिक्र एफआईआर में किया गया है।