Womes Reservation Bill: संसद के विशेष सत्र शुरू होने के ठीक तीन दिन पहले महिला आरक्षण का मामला एक बार फिर से गरमा गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अपनी पार्टी की ओर से एक प्रस्ताव पास कर इस संबंध में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है।
तेलंगाना के सीएम ने पीएम मोदी से कहा है कि यह मामला काफी समय से लंबित है और 18 सितंबर से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र से 33% महिला आरक्षण वाला विधेयक पास करवाया जाए। गौरतलब है कि महिला आरक्षण बिल के इस खास सत्र में पास कराए जाने की अटकलें पहले से लग रही हैं, इस दौरान बीआरएस नेता ने एक बड़ा सियासी दांव चल दिया है।
संवैधानिक प्रावधानों का दिया हवाला प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने कहा है कि आपको पता है कि हमारे संविधान में इतिहास में महिलाओं के साथ हुए भेदभाव को सुधारने के लिए प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने लिखा है, ‘मुझे आपको ये बताते हुए खुशी हो रही है कि तेलंगाना सरकार सार्वजनिक रोजगार और शिक्षण संस्थानों में दाखिले में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण लागू कर रही है।’ पहले भी विधानसभा से पास किया था प्रस्ताव-केसीआर उन्होंने आगे लिखा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समाज के पीछे छूटे हुए वर्ग की उम्मीदों को पूरा करने के लिए संसद और राज्य विधानसभा में उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की आवश्यकता है। इसको देखते हुए तेलंगाना विधानसभा ने 14 जून, 2014 को ही महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभा में 33% आरक्षण देने के लिए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास कर उसे अनुरोध के तौर पर भारत सरकार को भेजा था।
33% महिला आरक्षण की प्रकिया शुरू करने की मांग उन्होंने यह भी लिखा है कि केंद्र सरकार ने अभी तक उस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है। केसीआर की चिट्ठी में केंद्र सरकार से स्पष्ट मांग की गई है, ‘बीआरएस पार्लियामेंट्री पार्टी ने 15 सितंबर, 2023 को हुई अपनी मीटिंग में संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने की मांग वाला एक प्रस्ताव पास किया है।’ उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि महिला आरक्षण विधेयक को 18 सितंबर से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में ही पास कराने के लिए जरूरी विधायी प्रक्रिया शुरू करें