सनातन को लेकर अब सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि अगला लोकसभा चुनाव सनातन को सुरक्षित रखने का काम करेगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए, जिससे बच्चों को इसके बारे में जानकारी हासिल हो सके। आने वाले समय में पूरी दुनिया लोकतंत्र को ही स्वीकार करेगी। ऐसा करने से ही सीमावर्ती देशों में भी लोकतंत्र को स्थापित किया जा सकता है।
सीएम ने कहा कि विपक्ष ने गठबंधन इसीलिए किया है कि वह हिंदुत्व को कमजोर कर सके ,हमारी संस्कृति को बर्बाद कर सके। लेकिन अगला लोकसभा चुनाव सभ्यता के लिए ल़ा जाएगा। अगला चुनाव हमारे भारत के सनातन को सुरक्षित रखने का काम करेगा।
बता दें कि हिमंत बिस्वा सरमा नालंदा विश्वविद्यालय में लोकतंत्र के वैशाली उत्सव में लोकतंत्र की जननी विषय पर आयोजित सेमिनार में हिस्सा लेने के लिए बिहार पहुंचे थे। इस दौरान कार्यक्रम में उनके साथ देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद थे। बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से की थी। उन्होंने कहा कहा था कि डेंगू-मलेरिया की तरह इसे खत्म कर देना चाहिए।