नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला और बैन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के कई संदिग्धों से संबंधित आतंकवादी-गैंगस्टर सांठगांठ मुद्दे में 4 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में 30 जगहों पर छापेमारी की। एनआईए की टीमों ने पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में छापे मारे हैं।
कई आंतकियों पर छापा
एनआईए ने आज जिन परिसरों पर छापा मारा गया, वे एनआईए के एक मुद्दे में आंतकी डाला के विभिन्न संदिग्ध सहयोगियों के साथ-साथ बलजीत मौर और ऑस्ट्रेलिया स्थित गुरजंत सिंह से जुड़े थे। इस छापेमारी में एनआईए के हाथ डिजिटल उपकरणों सहित आपत्तिजनक सामग्री लगी है, जिसे बरामद कर लिया गया है। यह पूरा मुद्दा केटीएफ और अन्य आतंकवादी संगठनों की आपराधिक गतिविधियों से संबंधित है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के पार हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक, आईईडी और नशीले पदार्थों आदि जैसे घातक हार्डवेयर की स्मग्लिंग शामिल है।
आतंकी एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटे थे आतंकी
एनआईए जांच के अनुसार, स्मग्लिंग की गई वस्तुएं राष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में एक्टिव आतंकी संगठनों और संगठित आपराधिक गिरोहों के सदस्यों/सदस्यों द्वारा विभिन्न आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली थीं, जिसमें केटीएफ के लिए धन जुटाने के लिए जबरन वसूली, हत्याएं, युवाओं की भर्ती, हिंदुस्तान में हथियारों और नशीले पदार्थों की स्मग्लिंग आदि शामिल हैं। जांच से पता चला है कि डाला, मौर और गुरजंत ने अपने आतंकवादी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने की षड्यंत्र रची थी।
पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी
जिन संदिग्धों के परिसरों पर आज छापेमारी की गई, वे इन 3 लोगों के लिए हिंसक आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे थे, और केटीएफ के इशारे पर पाक से हथियारों की स्मग्लिंग और राष्ट्र में अत्याचार और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं की भर्ती में शामिल थे। ये सहयोगी प्रतिबंधित संगठन के लिए धन जुटाने के लिए जबरन वसूली गिरोह का भी हिस्सा थे। साथ ही ये कई बिजनेसमैन से जबरन वसूली भी करते थे।