ऐसी संभावना है कि चीन के ये लड़ाकू विमान इस क्षेत्र में उड़ान भरकर क्षेत्र में इंडियन आर्मी की तैयारियों का पता लगाने की प्रयास कर रहे हैं। इस बीच भारतीय वायुसेना ऐसे हालात में जिम्मेदारी के साथ उत्तर दे रही है और कोई ऐसा खतरा नहीं उठाना चाहती है कि जिससे सीमा पर टकराव बढ़े।
फाइटर जेट की तैनाती की है ताकि चीन की किसी भी गलत कार्रवाई का मिनटों में उत्तर दिया जा सके।
इलाके में इंडियन आर्मी की तैयारियों का पता लगाने की कोशिश
सूत्रों ने बताया कि लद्दाख में भारतीय वायुसेना के बढ़ते और कारगर इंफ्रास्ट्रक्चर से चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी परेशान है इसलिए इस क्षेत्र में आईएफए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चीन की सेना इस तरह की प्रयास कर रही है। वहीं भारतीय एयरफोर्स चीनी एयरफोर्स की इन हरकतों पर कड़ी नजर रख रही है और जिन इलाकों में चीन के विमान उड़ान भर रहे हैं वहां उनके फ्लाइंड पैटर्न
का बारीकी से विश्लेषण कर रही है।
इससे पहले 24-25 जून को भी चीन ने उकसावे वाली हरकत की थी जब चीनी फाइटर जेट उड़ते हुए पूर्वी लद्दाख में फ्रिक्शन पाइंट के करीब आ गए थे। बता दें कि 2020 में गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद इंडियन आर्मी लद्दाख में मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से अपग्रेड कर रही है और इसके लिए तेजी से निर्माण कार्य जारी है