महाराष्ट्र में शिवसेना की लड़ाई समाप्त होने का नाम नहीं ले रही। उद्धव ठाकरे गुट लगातार शिंदे गुट पर हमलावर है। दोनों खेमों में अब लड़ाई पार्टी को लेकर है। इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र में शिंदे गवर्नमेंट को लेकर चौंका देने वाला दावा कर दिया है। संजय राउत ने बीजेपी पर हमला करते हुए बोला कि महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की गवर्नमेंट अधिक दिन टिक नहीं पाएगी। इस गवर्नमेंट का आधार कमजोर है।
शिंदे गवर्नमेंट को लेकर राउत का चौंकाने वाला दावा
संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र गवर्नमेंट का आधार मजबूत नहीं है और यह अपने ही अंतर्विरोध के कारण गिर जाएगी। राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हम बीजेपी की तरह लाउडस्पीकर पर तारीख नहीं देंगे। लेकिन यह गवर्नमेंट निश्चित रूप से लंबे समय तक चलने वाली नहीं है।’ शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता राउत ने बोला कि शिंदे गवर्नमेंट के गठन के लगभग एक महीने बाद भी किसी विभाग का आवंटन नहीं किया गया है। राउत ने रविवार को दावा किया, ‘चोरी छिपे गठित की गई दोहरा मानदंड रखने वाली यह गवर्नमेंट अपने ही अंतर्विरोध से गिर जाएगी। यह मजबूत नींव पर टिकी हुई नहीं है।’
भारी मन से शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला?
भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने इससे पहले शनिवार को बोला था कि पार्टी ने (पूर्व मुख्यमंत्री) देवेंद्र फडणवीस के बजाय शिवसेना के बागी नेता शिंदे को राज्य का सीएम बनाने का भारी मन से फैसला लिया था। फडणवीस द्वारा राउत को एक ऐसा ‘लाउडस्पीकर’ बताने जिससे लोग आजिज आ गये हैं, शिवसेना सांसद ने बोला कि उनका ‘लाउडस्पीकर महाराष्ट्र के लोगों की आवाज है’ और वह उनके विचारों को प्रकट करना जारी रखेंगे।
राउत ने फडणवीस पर साधा निशाना
उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि फडणवीस भी मेरा लाउडस्पीकर सुनते हैं। हमें जो कुछ कहने की आवश्यकता होती है निर्भिक होकर कहते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘शिवसेना का लाउडस्पीकर 56 सालों से बज रहा है और लोग हमेशा यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि यह क्या बोल रहा है।’ शिवसेना नेता ने कहा, ‘आप अपनी गवर्नमेंट को देखिए। आप दिल्ली कितनी बार जाते हैं? एक महीने बाद भी विभागों का बंटवारा नहीं हुआ है।’
बालासाहेब के बेटे को धोखा।।
शिवसेना के साथ पूर्व में बीजेपी के गवर्नमेंट बनाने संबंधी फडणवीस के बयान को लेकर राउत ने उन पर निशाना साधा। उन्होंने प्रश्न किया कि वह किस शिवसेना की बात कर रहे हैं? क्या (पार्टी संस्थापक) बालासाहेब और उद्धव ठाकरे के बिना शिवसेना हो सकती है? उन्होंने बोला कि शिवसैनिकों और महाराष्ट्र के लोगों में इसे लेकर रोष है कि बालासाहेब के बेटे को छल दिया गया और सीएम पद छोड़ने के लिए विवश किया गया। राउत ने कहा, ‘शिवसैनिकों के गुस्से और आंसुओं में यह गवर्नमेंट बह जाएगी