मनोहर लाल खट्टर ने अपने बयान में बोला कि मैंने आज प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और उनसे उनका समय मांगा ताकि वो हरियाणा में बड़ा कार्यक्रम करें और उसी दौरान कुछ शिलान्यास भी. जैसे आरावली का सफारी पार्क और रेवाड़ी एम्स की परियोजना का शिलान्यास करने का निमंत्रण मैंने उन्हें दिया है.
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की. पीएम मोदी और मनोहर लाल खट्टर के बीच यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब हरियाणा में इस समय बारिश की वजह से कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति है. बारिश की वजह से पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला और करनाल जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. साथ ही साथ इस मुलाकात के कई अर्थ भी निकाले जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी अपने मंत्रिमंडल में बहुप्रतीक्षित फेरबदल करने वाले हैं. बताया जा रहा है कि हरियाणा से भी किसी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है.
खट्टर ने क्या कहा
इस मुलाकात के बाद खट्टर का बयान भी सामने आया है. मनोहर लाल खट्टर ने अपने बयान में बोला कि मैंने आज प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और उनसे उनका समय मांगा ताकि वो हरियाणा में बड़ा कार्यक्रम करें और उसी दौरान कुछ शिलान्यास भी. जैसे आरावली का सफारी पार्क और रेवाड़ी एम्स की परियोजना का शिलान्यास करने का निमंत्रण मैंने उन्हें दिया है. इसके साथ ही उन्होंने बोला कि लोकसभा चुनाव की तैयारी के संबंध में भी चर्चा हुई. हरियाणा में बारिश काफी हुई है लेकिन हिमाचल प्रदेश में अधिक बारिश हुई उसके कारण यहां पर पानी का बहाव अधिक हुआ है जिसकी जानकारी मैंने पीएम को दी है. हमारे यहां इतना बड़ा हानि नहीं हुआ है जैसे हिमाचल प्रदेश में हुआ है.
पंजाब और हरियाणा में नौ लोगों की मौत
पंजाब और हरियाणा में बारिश से संबंधित घटनाओं में नौ लोगों की मृत्यु हो गई है. दोनों राज्यों में लगातार तीसरे दिन लगातार बारिश हुई जिससे कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात हैं और ऑफिसरों को बचाव कार्यों के लिए मशक्कत करनी पड़ी है. पंजाब गवर्नमेंट ने 13 जुलाई तक विद्यालय बंद रखने का आदेश दिया है जबकि चंडीगढ़ में बृहस्पतिवार तक विद्यालय बंद हैं. हरियाणा ने भी कुछ सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बुधवार तक विद्यालय बंद रखने का आदेश दिया है. राज्य के अन्य स्थानों में, गवर्नमेंट ने उपायुक्तों को स्थिति का आकलन करने के बाद फैसला लेने का निर्देश दिया है. सतलुज और घग्गर नदियों के पास की भूमि जलमग्न हो गई जिससे फसलों को हानि पहुंचा.