प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य में भारी बारिश के कारण हुए हानि के संबंध में सीएम से बात की और राज्य गवर्नमेंट को संकट से बाहर निकालने के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया.
हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर बोला कि सभी वरिष्ठ नागरिकों और छोटे बच्चों वाले परिवारों सहित 10 लोगों को चंद्र ताल झील, लाहौल स्पीति से भुंतर, कुल्लू तक एयरलिफ्ट किया गया है. मैं निकासी और बहाली कार्यों की नज़र के लिए जिला कुल्लू और मंडी का भी दौरा कर रहा हूं. इससे पहले सोमवार को उन्होंने बोला था कि राज्य ने पिछले 50 वर्ष में इतनी भारी बारिश नहीं देखी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य में भारी बारिश के कारण हुए हानि के संबंध में सीएम से बात की और राज्य गवर्नमेंट को संकट से बाहर निकालने के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया. कुल्लू के उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने मंगलवार को बोला कि कल रात से मौसम में सुधार हुआ है जिससे हमें बहाली कार्य में प्रगति करने में सहायता मिली है. मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि फंसे हुए लोगों का ख्याल रखा जा रहा है क्योंकि कुल्लू में सात राहत शिविर स्थापित किए गए हैं. हिमाचल प्रदेश के मंडी में बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि यहां लगातार बारिश के कारण ब्यास नदी उफान पर है.
फंसे हैं पर्यटक
हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले में चंद्रताल झील में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए भारतीय वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर को बुलाया गया है जबकि काजा से एक बचाव दल कुंजुम दर्रा पहुंच गया है तथा वह झील से महज आठ किलोमीटर दूर है. प्रधान सचिव (राजस्व) ओंकार चंद शर्मा ने मंगलवार को यह जानकारी दी. जिले में बारिश और हिमपात के बाद 14,100 फुट की ऊंचाई पर स्थित चंद्रताल में शिविरों में करीब 300 लोग फंस गए हैं जिनमें से ज्यादातर पर्यटक हैं.