सुप्रीम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के तीसरे सेवा विस्तार को मंगलवार को गैर कानूनी करार दिया. न्यायालय ने उनका विस्तारित कार्यकाल घटाकर 31 जुलाई तक कर दिया. 1984-बैच के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी का कार्यकाल 18 नवंबर, 2023 तक निर्धारित था. वहीं, दिल्ली में यमुना का जलस्तर 206 मीटर के निशान को पार कर गया, जिससे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का काम प्रारम्भ कर दिया गया.
ED डायरेक्टर की सर्विस बढ़ाना अवैध- SC
प्रवर्तन निदेशालय के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा के कार्य़काल को बढ़ाने के मुद्दे में केंद्र गवर्नमेंट को करारा झटका लगा है. उच्चतम न्यायालय ने उनके सेवा विस्तार को गैर कानूनी करार दिया है और उन्हें 31 जुलाई तक कार्यालय छोड़ने का समय दिया है. न्यायालय ने बोला कि उन्हें तीसरा कार्यकाल विस्तार देना गैर कानूनी है.
12 राज्यों को अब तक बारिश का इंतजार
पश्चिमी विक्षोभ और मॉनसूनी पछुआ हवाओं के चलते बीते सप्ताह उत्तर हिंदुस्तान में काफी बारिश हुई है. दूसरी ओर तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, बिहार, झारखंड और कुछ उत्तर-पूर्वी हिस्सों समेत राष्ट्र के 12 राज्य अभी भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं. 1 जून से प्रारम्भ हुए मॉनसून को लेकर इण्डिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट की ओर से बारिश के आंकड़े जारी किए गए हैं.
25 क्विंटल टमाटर से लदा ट्रक हाईजैक
बेंगलुरु के चिक्काजला में तीन लोग टमाटर से लदा एक ट्रक लेकर भाग गए. पुलिस ने यह जानकारी दी है. आरोपी जिस ट्रक को लेकर भागे, उसमें लगभग ढाई टन टमाटर थे. मालूम हो कि राष्ट्र के कई हिस्सों में इन दिनों टमाटर की कीमतें 100 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर हैं. ऐसे में 25 क्विंटल टमाटर की मूल्य ढाई से तीन लाख रुपये पहुंच जाती है.
क्या कारागार से बाहर आएगा आसाराम?
अपनी शिष्या से दुष्कर्म के मुद्दे में राजस्थान की जोधपुर कारागार में सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम और उसके अनुयायियों के लिए राहत भरी समाचार है. राजस्थान उच्च न्यायालय ने सोमवार को जोधपुर सेंट्रल कारागार की पैरोल कमेटी को पैरोल नियम 1958 के अनुसार आसाराम के आवेदन पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है.
2016 के बाद से किस पार्टी को मिला सबसे अधिक चंदा
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी (भाजपा) को 2016-2022 के बीच सबसे अधिक चंदा मिला है. केंद्र की सत्ताधारी पार्टी द्वारा घोषित चंदा अन्य सभी राष्ट्रीय दलों द्वारा घोषित चंदे से तीन गुना से भी अधिक है. वित्त साल 2016-17 और 2021-22 के बीच, भाजपा ने सबसे अधिक 10122.031 करोड़ रुपये का चंदा घोषित किया था.