इसरो की ऐतिहासिक उड़ान को पूरा विश्व सैल्यूट कर रहा है. शुभकामना देने वालों में वो देश और राष्ट्र भी हैं, जो अक्सर हिंदुस्तान की सफलता पर तंज कसा करते हैं. अब हिंदुस्तान की इस उड़ान को देख चीन ने भी प्रशंसा की है.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का चंद्रयान-3 मिशन 14 जुलाईको दोपहर 2.35 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च हुआ है. लैंडर को चंद्रमा तक अपनी यात्रा पूरी करने में लगभग 42 दिन लगेंगे. यदि इसरो इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करता है, तो हिंदुस्तान उन तीन अन्य राष्ट्रों संयुक्त राज्य अमेरिका, पूर्ववर्ती सोवियत संघ और हाल ही में चीन की विशेष सूची में शामिल हो जाएगा, जो चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफल रहे हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ दोनों ने चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने से पहले कई अंतरिक्ष यान को दुर्घटनाग्रस्त कर दिया. चीन 2013 में चांग’ई-3 मिशन के साथ अपने पहले कोशिश में सफल होने वाला एकमात्र राष्ट्र था.
अंतरिक्ष यान पृथ्वी से सफलतापूर्वक उड़ान भर चुका है और अब चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा में ग्रह की कक्षा में है. चंद्रयान के परियोजना निदेशक पी वीरमुथुवेल के अनुसार, इसमें कई जरूरी घटनाएं शामिल हैं, जिनमें पृथ्वी से जुड़े युद्धाभ्यास, चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश, लैंडर को अलग करना, डीबूस्ट युद्धाभ्यास का एक सेट और सॉफ्ट लैंडिंग के लिए पावर डिसेंट चरण शामिल हैं. इसरो की ऐतिहासिक उड़ान को पूरा विश्व सैल्यूट कर रहा है. शुभकामना देने वालों में वो देश और राष्ट्र भी हैं, जो अक्सर हिंदुस्तान की सफलता पर तंज कसा करते हैं. अब हिंदुस्तान की इस उड़ान को देख चीन ने भी प्रशंसा की है.
चीन ने दी बधाई
चीन के सरकारी मुखपत्र ने हिंदुस्तान के मून मिशन को लेकर शुभकामना दी है. ग्लोबल टाइम्स ने बोला कि शुभकामना हो! हिंदुस्तान ने शुक्रवार को अपने चंद्र मिशन चंद्रयान-3 को कक्षा में सफलतापूर्वक लॉन्च किया है. आशा है कि अंतरिक्ष यान अगस्त में चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग का कोशिश करेगा. एक बार सफल होने पर, हिंदुस्तान चंद्रमा पर नियंत्रित लैंडिंग करने वाला चौथा राष्ट्र बन जाएगा. बता दें कि चीन के अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस जैसी दुनिया की अनेक महाशक्तियों ने भी हिंदुस्तान को चंद्रयान की लॉन्चिंग पर शुभकामना दी है.