नई दिल्ली: पाकिस्तान के ऋण में गले-गले तक डूबने की चर्चा पूरे विश्व में हो रही हैं. इस खस्ता हाल में IMF ने पाक राहत देते हुए 3 अरब $ ऋण देने की हरी झंडी दे दी है. यह ऋण वैसे तो पाक की जनता के लिए है. लेकिन, गवर्नमेंट इसे अपनी वाह-वाही में लुटाने हेतु फिर तैयार हो गई है. बताया जा रहा है कि पाक की पंजाब गवर्नमेंट इस बार अपने 76वें आजादी के कार्यक्रम में राष्ट्र में 500 फीट के स्तंभ पर झंडा फहराएगी, जिसमे 40 करोड़ पाकिस्तानी रुपए का खर्च आने वाला है.
हालाँकि, दंग करने वाली बात ये है कि ऐसा निर्णय उस समय लिया जा रहा है, जब अगले दो वर्ष के अंदर पाक को 2000 करोड़ रुपए ब्याज के साथ चुकाने हैं. वहीं इनकी एयरलाइन्स इतना कर्जे में डूब चुकी है कि सऊदी अरब इन्हें लगातार धमकियाँ दे रहा है, मलेशिया इनके विमान बरामद कर रहा है, और चीन के ऋण का बोझ भी पाक पर लगातार बढ़ता जा रहा है। लेकिन, इतना सब होने के बावजूद पाक गवर्नमेंट ने निर्णय लिया है कि वो इस बार लाहौर से लिबर्टी चौक पर यह झंडा लहराएगा. इससे पहले 2017 में पाक ने वाहवाही लूटने के लिए अटारी वाघा सीमा पर 400 फीट का ऊँचा झंडा फहराया था. यह दक्षिण एशिया में सर्वाधिक ऊँचा झंडा है जिसका आकार 120×80 फीट है.
बता दें कि, IMF पाक को 3 अरब $ का ऋण 9 माह में देने वाला है. उनसे पहले पड़ोसी देश ने विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए UAE से 1 अरब $ का कर्जा लिया था. वहीं सऊदी अरब ने भी पाकिस्तानी केंद्रीय बैंक को 2 अरब $ दिए थे. इन्हीं कर्जों के कारण पाक की स्थिति बीते कुछ दिनों में बद से बद्तर होती जा रही है. यहाँ फैक्ट्रियाँ बंद हो रही हैं. अब इन्हें IMF ने वापस अरबों $ देकर थोड़ी राहत दी है. मगर। ऐसे में पाक के सबसे बड़ा झंडा लहराने के पाक के क्षेत्रीय ही अपनी गवर्नमेंट का विरोध कर रहे हैं.