उत्तर कोरिया के सेना जासूसी उपग्रह छोड़ने से पहले जापान अलर्ट हो गया है. जापान के रक्षा प्रमुख ने शनिवार को सैनिकों को ‘मिसाइल इंटरसेप्टर’ को एक्टिव करने और उत्तर कोरियाई उपग्रह के मलबे से निपटने के लिए तैयार रहने का आदेश दिया, जिसके टुकड़े जापानी क्षेत्र में गिर सकते हैं. उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने इस हफ्ते की आरंभ में बोला था कि उनके पहले सेना जासूसी उपग्रह का किसी अनिर्दिष्ट तिथि पर प्रक्षेपण किया जाएगा.
उत्तर कोरिया पिछले वर्ष की आरंभ से लगभग 100 मिसाइल का परीक्षण कर चुका है. उसका बोलना है कि इन परीक्षणों के जरिये वह अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सेना अभ्यास का उत्तर दे रहा है. कई मिसाइल जापान के ऊपर से उड़ीं या फिर उत्तरी जापान के तट पर गिरीं. उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते उत्तर कोरिया ने पहली बार एक ठोस ईंधन वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था.
जापान ने सतह से हवा में मार करने वााली मिसाइलें कराई एक्टिव
जापान के रक्षा मंत्री यासुकाजू हमादा ने शनिवार को सैनिकों को ओकिनावा और आसपास के द्वीपों सहित दक्षिण-पश्चिमी जापान में सतह से हवा में मार करने वाली पीएसी-3 मिसाइलों को तैयार करने का निर्देश दिया. मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, हमादा ने ‘एसएम-3 शिप-टू-एयर’ मिसाइल से लैस विनाशकारी पोत को तटीय जल में तैनात करने का भी आदेश दिया. मंत्रालय ने कहा, ‘‘बैलिस्टिक मिसाइल और अन्य वस्तुओं को नष्ट करने के आदेश जारी करने की आसार के कारण हम आवश्यक तैयारी कर रहे हैं.’’ मिसाइल दागने के आदेश को पीएम की स्वीकृति मिलना अभी बाकी है.