नई दिल्ली. पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के कारागार जाने का खतरा बढ़ गया है. जल्द ही उन्हें अरैस्ट किए जाने की तैयारी हो रही है. दरअसल पाक की एक आतंकवाद रोधी न्यायालय ने निर्वाचन आयोग के बाहर विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मुद्दे की सुनवाई में शामिल होने में विफल रहने पर राष्ट्र के पूर्व पीएम इमरान खान की जमानत बुधवार को खारिज कर दी है. इस निर्णय के बाद खान की गिरफ्तारी हो सकती है. पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं ने पिछले वर्ष प्रतिबंधित वित्तपोषण मुद्दे में पाक के निर्वाचन आयोग (ईसीपी) द्वारा खान को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन किया था. पिछले वर्ष अक्टूबर में पुलिस ने आतंकवाद रोधी कानूनों के अनुसार एक मामला प्रारम्भ किया था और मुद्दे में पूर्व पीएम अंतरिम जमानत पर थे. बुधवार को इस्लामाबाद में आतंकवाद रोधी न्यायालय (एटीसी) के न्यायाधीश राजा जवाद अब्बास ने टिप्पणी की कि खान को न्यायालय में पेश होने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहे. वहीं खान के वकील बाबर अवान ने अपनी दलीलों में न्यायालय से आग्रह किया कि खान को पर्सनल रूप से पेशी से एक बार की छूट दी जाए, क्योंकि खान पिछले वर्ष के हमले के बाद से अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाये हैं.
इमरान ने दिया था खराब स्वास्थ्य का हवाला
न्यायाधीश ने याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और यह कहते हुए खान को पेश होने का आदेश दिया कि न्यायालय खान जैसे “शक्तिशाली व्यक्ति” को ऐसी कोई राहत नहीं दे सकती है जो एक आम आदमी को नहीं दी जाती है. अंतत:, न्यायाधीश ने अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद 70 वर्षीय खान को पुलिस द्वारा अरैस्ट करने का खतरा उत्पन्न हो गया है.
वहीं, इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) ने एक बैंकिंग न्यायालय को पीटीआई के विरूद्ध प्रतिबंधित वित्तपोषण संबंधी संघीय जांच एजेंसी के मुद्दे में खान की जमानत याचिका पर कोई निर्देश पारित करने से रोक दिया. पिछले वर्ष ईसीपी ने पीटीआई के विरूद्ध वित्तपोषण मुद्दे में निर्णय सुनाया था कि पार्टी को प्रतिबंधित वित्तपोषण मिला था. बाद में, संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने खान और पार्टी के अन्य नेताओं के विरूद्ध पीटीआई खाते के हस्ताक्षरकर्ता/लाभार्थियों के रूप में मामला दर्ज किया था, जहां धन जमा किया गया था.