येरूशलम : 46 दिनों तक चले इजराइल-हमास युद्ध में चार दिन के युद्धविराम पर सहमति बन गई है। समझौते के अनुसार आतंकवादी संगठन हमास 7 अक्टूबर को अपहृत और बंधक बनाए गए लोगों में से 50 स्त्रियों और बच्चों को रिहा करेगा, इसके बदले में इजराइल अपनी जेलों में बंद 150 फिलिस्तीनी स्त्रियों और बच्चों को रिहा करेगा। हत्या के इल्जाम वाले किसी भी कैदी को इजरायली कारावास से रिहा नहीं किया जाएगा। बंधकों की यह अदला-बदली गाजा पट्टी में युद्धविराम के दौरान होगी। हालांकि, सीजफायर लागू होने से पहले गाजा में इजरायली सेना का भयंकर धावा और हमास द्वारा उनका विरोध जारी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आग्रह पर कतर की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम समझौते पर हिंदुस्तान समेत पूरी दुनिया ने खुशी जताई है। इससे गाजा में इजरायली हमलों में मारे जा रहे बेगुनाह लोगों की जान तो बचेगी ही, साथ ही वहां की 2.3 लाख जनसंख्या की जीवन में मुश्किलें भी कम होंगी। इसके साथ ही छोटे-मोटे अपराधों के लिए महीनों-सालों से इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी स्त्रियों और बच्चों की रिहाई भी संभव हो सकेगी। इसके बदले में डेढ़ महीने से हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों की घर वापसी संभव हो सकेगी। इज़रायली गवर्नमेंट ने बोला है कि युद्धविराम के चार दिनों के भीतर 50 इज़रायली बंधकों की रिहाई हो जाएगी। इसके बाद, दस इज़रायली बंधकों की रिहाई के साथ युद्धविराम को प्रत्येक दिन एक दिन बढ़ाया जाएगा। हमास जितने अधिक दिनों तक दस बंधकों को रिहा करेगा, उतने अधिक दिनों तक युद्धविराम आगे बढ़ेगा। ऐसा माना जाता है कि 7 अक्टूबर को इजराइल से अगवा किए गए 240 लोगों को अभी हमास ने बंधक बना रखा है। अपहृत स्त्रियों में से पांच को हमास ने अब तक रिहा कर दिया है, जबकि दो स्त्रियों की मृत्यु हो गई है।