रावलपिंडी, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने गुरुवार को 9 मई 2023 को सेना प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों के दोषियों को इन्साफ के दायरे में लाने पर फिर से बल दिया.
सेना प्रमुख ने रावलपिंडी स्थित जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) में आयोजित 83वें फॉर्मेशन कमांडर्स सम्मेलन में ये बयान दिया. इस सम्मेलन में कोर कमांडरों, प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर्स और पाकिस्तानी सेना के सभी फॉर्मेशन कमांडर शामिल हुए.
इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा, “फोरम ने बीते साल के दंगों और बर्बरता मुद्दे में पारदर्शी इन्साफ प्रबंध पर बल दिया.”
आईएसपीआर के अनुसार, फोरम ने इस बात पर गौर किया कि 9 मई 2023 की अत्याचार की प्लानिंग करने वालों, अपराधियों, उकसाने वालों और उनको सुविधा देने वालों को राष्ट्र की सामूहिक भलाई के लिए इन्साफ के कटघरे में लाया जाना चाहिए. फोरम ने राजनीति से प्रेरित और निहित डिजिटल आतंकवाद का भी गंभीरता से संज्ञान लिया.
आईएसपीआर ने कहा, “फोरम ने इस बात पर भी बल दिया कि सियासी रूप से प्रेरित और निहित डिजिटल आतंकवाद का साफ उद्देश्य पाक में निराशा पैदा करना, संस्थाओं, विशेषकर सशस्त्र बलों और राष्ट्र के लोगों के बीच झूठ, फर्जी खबरें और दुष्प्रचार फैलाकर मतभेद पैदा करना है.”
हालांकि, राष्ट्र उनके गुप्त उद्देश्यों से पूरी तरह परिचित है. निश्चित रूप से इन नापाक ताकतों के मंसूबों को पूरी तरह से पराजित किया जाएगा.
पाकिस्तानी सेना फॉर्मेशन कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के लेटेस्ट बयान से संकेत मिला है कि पूर्व पीएम इमरान खान के साथ नयी गवर्नमेंट का किसी भी तरह की गुप्त वार्ता या संपर्क की कोई आसार नहीं है.
बीते साल 9 मई को पाक तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से अरैस्ट किया गया. इसके बाद पार्टी और उनके शीर्ष नेताओं के समर्थकों ने सेना प्रतिष्ठान के विरुद्ध अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने जरूरी सेना प्रतिष्ठानों पर धावा भी किया था.
हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण रावलपिंडी स्थित जनरल मुख्यालय समेत पूरे पाक में प्रमुख सेना प्रतिष्ठानों पर भीड़ ने लक्षित हमले किये थे.