भारत और अमेरिका की वायुसेनाएं पानागढ़ में अपनी ताकत दिखाने वाली हैं. इससे चीन को चिंता होने लगी है. दोनों वायुसेनाओं का 12 दिवसीय संयुक्त अभ्यास यहां वायुसैनिक अड्डे अर्जन सिंह में हो रहा है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बोला कि भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की तरह से अभ्यास में तीन सी130जे और एक सी-17 परिवहन विमान हिस्सा ले रहे हैं, जबकि अमेरिकी वायुसेना (यूएसएएफ) की तरफ से भी ऐसे ही विमान संयुक्त अभ्यास के लिए यहां पहुंचे हैं.
अधिकारी ने बोला कि 10 अप्रैल से संयुक्त अभ्यास में भाग लेने वाली अमेरिकी विशेष बल की टीम 16 अप्रैल को अपने एक सी130जे विमान से रवाना हुई. अभ्यास यूएसएएफ विमान चालक दल के लिए कई उड़ानों के साथ प्रारम्भ हुआ, जिसके बाद आईएएफ के सी130जे चालक दल को कम लागत वाली कम ऊंचाई पर विमान से छलांग लगाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया. अधिकारी ने बताया कि पड़ोसी बीरभूम जिले के रामपुरहाट में दोनों बलों की ‘कॉम्बैट फ्री फॉल’(सीएफएफ) और ‘नाइट विजन गॉगल्स असिस्टेड असॉल्ट लैंडिंग’ की गई.
यह है योजना
सीएफएफ पैराशूट सिस्टम पैराट्रूपर को 30,000 फुट की ऊंचाई से कूदने के लिए पूर्ण निवारण प्रदान करता है, जिसमें वह 30 किमी की सीमा तक ग्लाइड कर सकता है और वांछित लक्ष्य पर उतर सकता है. अधिकारी ने बोला कि 17 और 18 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के कलाईकुंडा वायु सेना अड्डे में भारतीय वायुसेना और यूएसएएफ के लड़ाकू विमानों के साथ बड़े स्तर पर अभ्यास किया गया था. उन्होंने बोला कि संयुक्त अभ्यास के दौरान आगरा में एक ड्रॉप जोन में लंबी दूरी के उपकरण को भी विमान से नीचे गिराया गया. यह संयुक्त अभ्यास 21 अप्रैल तक चलेगा.