दरअसल, चीन में ईरान और सऊदी अरब दोनों राष्ट्रों के विदेश मंत्री गए थे. यहां इन मंत्रियों ने चीन की मौजूदगी में वार्ता की. करीब 7 वर्ष बाद ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता हुई थी. इसके पीछे चीन की बड़ी किरदार थी. चीन ने दोनों शत्रु राष्ट्रों की दोस्ती कराइ थी. इससे अमेरिका बाइडन प्रशासन टेंशन में आ गया. सऊदी और ईरान की दोस्ती के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के चीफ अचानक से पिछले सप्ताह रियाद पहुंच गए. उन्होंने सऊदी प्रिंस को जमकर सुना दिया.
अरब और ईरान में इस बात पर बनी थी सहमति
हाल ही में सऊदी अरब और ईरान अपनी अपनी राजधानी और अन्य शहरों में राजनयिक मिशन को फिर से खोलने पर सहमत हो गए हैं. ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी आईएसएनए ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी. इस रिपोर्ट में बोला गया है कि इस संबंध में एक समझौता बृहस्पतिवार को बीजिंग में ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुआ. समझौते में दोनों राष्ट्रों के बीच उड़ानों को फिर से प्रारम्भ करने की आसार का शोध करने और दोनों राष्ट्रों के नागरिकों के लिए वीजा प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने की भी बात की गई है. सऊदी अरब और ईरान लंबे समय से क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी रहे हैं लेकिन पिछले महीने चीन की मध्यस्थता के बाद वे सुलह की ओर बढ़ रहे हैं.
सीआईए चीफ विलियम बर्न्स ने प्रिंस सलमान को दी समझाइश
सऊदी और ईरान की दोस्ती से घबराए अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के चीफ विलियम बर्न्स ने पिछले सप्ताह रियाद का दौरा किया सीआईए चीफ ने सऊदी प्रिंस से बोला कि रियाद के तेहरान और सीरिया के साथ संबंध फिर से सुधारने से अमेरिका ठगा सा महसूस कर रहा है.