तुर्की और सीरिया के विध्वंसक भूकंप में अब तक 21 हजार से भी अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है. सीरिया में इसी त्रासदी के दौरान एक गर्भवती मां मलबे के नीचे दबकर अपनी जान गवां बैठी. मगर वह इसी समय एक बच्ची को जन्म दे गई. यह नवजात भी मलबे में दबी थी. इस नवजात के माता-पिता और भाई-बहन भूकंप में मारे जा चुके हैं. यह बच्ची इस दुनिया में अब पूरी तरह अनाथ थी. सुरक्षाकर्मियों ने जब उसे देखा तो उसकी गर्भनाल मां से जुड़ी हुई थी. मां को मृत देखकर उसके गर्भनाल को अलग करके हॉस्पिटल ले जाया गया. अब इस नवजात को “अया” नाम दिया गया है. यह एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ करिश्मा है. अया को अब अपने चाचा के घर में नया ठिकाना भी मिल गया है.
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गई चाचा के घर
अया को भी काफी गंभीर चोटें मलबे में दबे होने की वजह से आई थी, लेकिन वह सांस ले रही थी. यह देख राहत और बचाव दलों ने उसे हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां से स्वस्थ होने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है. इस बच्ची के माता-पिता और भाई-बहन 7.8 तीव्रता के भूकंप में मारे गए थे. अब इस नवजात का एक नया घर और एक नया नाम है. हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद उसे उसके बड़े-चाचा राय अल-बद्रन के घर ले जाया जाएगा. द एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के अनुसार, भूकंप के दौरान सीरियाई शहर जेंडरिस में अल-बद्रान का घर भी नष्ट हो गया था. “भूकंप के बाद उनके घर या इमारत में कोई भी रहने तकी स्थान नहीं है. यहां सिर्फ 10 प्रतिशत इमारतें रहने के लिए सुरक्षित हैं और बाकी रहने लायक नहीं हैं.’
5 मंजिला अपार्टमेंट में मिली थी अया
नवजात अया को बचाव कर्मियों ने सोमवार दोपहर को पांच मंजिला अपार्टमेंट के मलबे से खुदाई के दौरान खोजा था, जहां उसका परिवार रहता था. जब उन्होंने उसे पाया तो बच्ची की गर्भनाल अभी भी उसकी माँ अफरा अबू हादिया से जुड़ी हुई थी. बच्ची को पास के कस्बे के हॉस्पिटल में ले जाया गया. उसकी देखभाल कर रहे बाल रोग जानकार हनी मारूफ ने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को बताया कि “वह सोमवार को काफी बुरी हालत में आई थी. उसे चोटें लगी थीं, काफी जख्म के निशान थे. वह ठंडी पड़ गई थी और कठिनाई से सांस ले रही थी.” जैसे ही उसे जिंदा पाया गया, वैसे हॉस्पिटल लाया गया. इसके बाद बच्ची अया का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
दुनिया भर के लोग बच्ची को लेना चाहते हैं गोद
दुनिया भर में हजारों लोगों ने इस बच्ची को गोद लेने की पेशकश की है. हालांकि अया अब अनाथ नहीं है. संयुक्त देश की बाल एजेंसीयूनिसेफ ने बोला कि यह उन बच्चों की नज़र कर रही है जिनके माता-पिता लापता हैं या मारे गए हैं और उन्हें भोजन, कपड़े और दवा मौजूद करा रही है. इस बीच तुर्की में परिवार और सामाजिक सेवा मंत्रालय संभावित पालक परिवारों से आवेदन जमा करने की अपील कर रहा है. मंत्रालय के अधिकारी अनाथ बच्चों की जरूरतों का आकलन करने और उन्हें दर्ज़ पालक घरों में रखने की दिशा में काम कर रहे हैं