पश्चिम बंगाल: आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) के लोकसभा सदस्य शत्रुघन सिन्हा ने अडानी ग्रुप के शेयरों की कीमतों में गिरावट से संबंधित राहुल गांधी के संसद के पटल पर भाषण की जबरदस्त प्रशंसा की है. ऐसे में शत्रुघन सिन्हा का राहुल के पक्ष में बयान पार्टी के लिए एक झटक बताया जा रहा है.
सिन्हा ने शुक्रवार को ट्विटर पर गांधी के जोरदार भाषण की जमकर प्रशंसा की. साथ ही सिन्हा ने इस मुद्दे में राहुल गांधी की ओर से उठाए गए प्रश्नों का उचित उत्तर नहीं देने पर पीएम मोदी पर निशाना साधा. सिन्हा ने ट्वीट किया, “हम सभी ने संसद में माननीय पीएम मोदी के 1.5 घंटे लंबे भाषण को सुना, लेकिन दुर्भाग्य से इसमें सार की कमी थी और उन्होंने युवा आइकन राहुल गांधी द्वारा उठाए गए किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया. सभी लोग राहुल गांधी की प्रशंसा कर रहे हैं.”
‘इसे अपनी समझ और ज्ञान के लिए देखें!’
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखाष “जैसा कि बोला जा रहा है कि यह संसद में राहुल गांधी के सर्वश्रेष्ठ और ‘सर्वश्रेष्ठ’ में से एक भाषण है. इसे अपनी समझ और ज्ञान के लिए देखें! जय हिंद!” सिन्हा ने ट्वीट के साथ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल को भी टैग किया.
सिन्हा की टिप्पणियों से पार्टी ने बनाई दूरी
तृणमूल कांग्रेस पार्टी नेतृत्व ने सिन्हा की टिप्पणियों से स्वयं को दूर करना प्रारम्भ कर दिया है. तृणमूल कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा डॉ सांतनु सेन के मुताबिक, सिन्हा की टिप्पणी उनकी पर्सनल टिप्पणियां हैं और महत्वपूर्ण नहीं कि इस मुद्दे में तृणमूल कांग्रेस पार्टी के रुख को दर्शाती हों. सेन ने बोला कि हमें कांग्रेस पार्टी से बस इतना ही बोलना है कि यह अच्छा है कि उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का आयोजन किया, साथ ही नेतृत्व को पार्टी को एकजुट रखने का कोशिश करना चाहिए.
इससे पहले भी राहुल की कर चुके हैं तारीफ
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है, जब राहुल गांधी के बारे में सिन्हा की प्रशंसा ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी को पेचीदगी में डाल दिया है. इससे पहले 9 जनवरी को शत्रुघन सिन्हा ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बोला था कि राहुल गांधी एक युवा आइकन हैं और एक गंभीर नेता के रूप में उभरे हैं. साथ ही बोला था कि राहुल गांधी ने उस छवि को नष्ट की है, जिसे विपक्ष ने उनके विरूद्ध पेश करने की प्रयास की थी. इसके बाद से सियासी पर्यवेक्षकों का मानना है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बारे में सिन्हा की प्रशंसा ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी नेतृत्व के लिए असहजता पैदा कर दी है.