दिल्ली। नॉर्थ दिल्ली के साइबर थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और बेंगलुरु से ऑपरेट हो रहे जालसाजों के एक बड़े औनलाइन गैंग का पर्दाफाश कर 3 जालसाजों को अरैस्ट किया है। ये गैंग लोगों को नकली गेमिंग वेबसाइटों पर औनलाइन गेम खेलने का झांसा देकर ठग रहा था। नॉर्थ दिल्ली साइबर पुलिस स्टेशन का एक सब इंस्पेक्टर गैंग को पकड़ने के लिये स्वयं को स्विगी डिलीवरी बॉय बनकर खाना देने गया। दिल्ली पुलिस को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से कम्पलेन मिली थी जहां पर नामी आईटी फर्म टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज कंपनी के एक कर्मचारी जो IT सेक्टर में काम करते हैं और बुराड़ी में रहते हैं उनके द्वारा कम्पलेन मिलने पर जांच प्रारम्भ की गई।
उनके साथ औनलाइन गेमिंग के जरिए 1 लाख 49 हजार की औनलाइन फर्जीवाड़ा हुई थी। पीड़ित आरोपियों के जरिए दी गई वेबसाइट के जरिए शिकार हुए थे जो वेबसाइट WWW.FUNPLAY9.COM थी। इस नेटवर्क को खंगालने में जुटी दिल्ली पुलिस ने कुछ ऐसे सीडीआर खंगाले जिसके बाद कथित टेलीफोन नंबरों के सीडीआर विश्लेषण से पता चला कि आरोपी स्विगी से औनलाइन फूड ऑर्डर करते रहे हैं, जिसके बाद 31 जनवरी को सब इंस्पेक्टर गुमान सिंह स्वयं को डिलीवरी ब्वॉय का भेष बनाकर उनके द्वारा ऑर्डर किया गया खाना डिलीवर करने चला गया।
आरोपी दिल्ली के उत्तम नगर में स्थित एक किराए के फ्लैट की चौथी मंजिल पर रह रहे थे, जो डबल गेट वाला था, यानी सीढ़ियों में एक स्टेनलेस स्टील ग्रिल गेट और एक फ्लैट के खुलने पर सामने आता था आरोपितों ने दोनों गेटों पर ताला लगा दिया ताकि किसी तरह की संभावना होने पर मोबाइल टेलीफोन और सिम कार्ड जैसी संपत्ति को नष्ट किया जा सके। सब इंस्पेक्टर गुमान खाना देने गए और जैसे ही आरोपी ने खाना लेने के लिए सीढ़ियों पर गेट खोला, एसआई गुमान सिंह ने उसे पकड़ लिया और टीम पहुंच गई, जिससे 3 आरोपियों को अरैस्ट कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी श्रीयांश चंद्राकर से लगातार पूछताछ करने पर उसने खुलासा किया कि वह आईएचएम बैंगलोर से होटल मैनेजमेंट करने के लिए बैंगलोर गया था, जहां राज ने उसे बताया कि उसके पास भिन्न भिन्न औनलाइन गेमिंग वेबसाइटें हैं जिनका उपयोग वह लोगों को ठगने के लिए करता है और कम समय में अच्छी कमाई कर रहा है। ये श्रीयांश चंद्राकर को तेजी से पैसा कमाने के लिए अच्छा लगा और उसने अपने दोस्त आयुष देवांगन और यश गणवीर के साथ छत्तीसगढ़ में घर से काम करना प्रारम्भ किया।
आरोपी राज से गैर कानूनी नकली औनलाइन गेमिंग वेबसाइट खरीदता था। इन वेबसाइटों में स्नूकर, पोकर, कैसिनो, तीन पत्ती और क्रिकेट जैसे विभिन्न खेल शामिल हैं, जिसके लिए पीड़ितों से रजिस्ट्रेशन राशि मांगी गई थी। शिकायतकर्ता को छोटी राशि का भुगतान किया गया था ताकि उनका विश्वास हासिल किया जा सके और उन्हें अधिक गेम खेलने के लिए आकर्षित किया जा सके। गेम जीतने पर शिकायतकर्ता के वर्चुअल ई-वॉलेट में राशि जमा होती रहती है, लेकिन शिकायतकर्ता को राशि का भुगतान कभी नहीं किया जाता है।
आरोपी स्वयं को नकली वेबसाइटों के कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव के रूप में पेश करते थे और पीड़ितों को और गेम खेलने के लिए आग्रह करते थे। कुछ समय बाद आरोपी वेबसाइट को बंद कर देता था और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए टेलीफोन नंबर बदलकर नए जगह से नयी वेबसाइट पर काम करना प्रारम्भ कर देता था। सभी तीनो आरोपी पढ़े लिखे हैं और इनसे आगे की पूछताछ जारी है।