जयपुर. दो करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में दो दिन पहले जेल से रिहा हुई निलंबित आरपीएस अधिकारी दिव्या मित्तल (Divya Mittal) को शनिवार को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है. एसओजी की निलंबित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिव्या मित्तल को इस बार एसओजी (SOG) ने ही गिरफ्तार किया है. दिव्या मित्तल की यह गिरफ्तारी अजमेर के रामंगज थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के दो मामलों की जांच के सिलसिले में हुई है. एसओजी अब दिव्या मित्तल को कोर्ट में पेश करेगी.
राजस्थान पुलिस सेवा की अधिकारी दिव्या मित्तल को बीते 16 जनवरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दो करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था. इस मामले में पूछताछ के बाद दिव्या मित्तल को जेल भेज दिया गया था. तब से दिव्या मित्तल जेल में थी. इस मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद दिव्या मित्तल शुक्रवार को ही जेल से रिहा किया गया था. दिव्या मित्तल ने महज एक ही दिन ही आजादी की सांस ली थी. उसके बाद शनिवार को दिव्या को एसओजी ने अजमेर से फिर गिरफ्तार कर लिया.
जयपुर एसओजी टीम अजमेर में कैम्प कर रही है
पुलिस के अनुसार अजमेर के रामगंज थाने में वर्ष 2021 में एनडीपीएस एक्ट में दो मामले दर्ज हुए थे. उन मामलों की फाइल जांच के लिए अजमेर एसओजी के पास भेजी गई थी. उस समय दिव्या मित्तल अजमेर एसओजी प्रभारी थी. इन मामलों में दिव्या मित्तल पर जांच में आपराधिक मिलीभगत करने का आरोप है. उसी सिलसिले में दिव्या मित्तल को फिर से गिरफ्तार किया गया है. इस पूरे मामले को लेकर जयपुर एसओजी टीम अजमेर में ही कैम्प कर रही है.
दिव्या मित्तल राजस्थान पुलिस सेवा वर्ष 2010 बैच की अधिकारी हैं
उल्लेखनीय है कि निलंबित एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल को एसीबी ने जब गिरफ्तार किया था तो पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. दिव्या मित्तल राजस्थान पुलिस सेवा वर्ष 2010 बैच की अधिकारी हैं. वे राजस्थान के झुंझुनूं जिले की रहने वाली हैं. जांच में सामने आया कि दिव्या लग्जरी लाइफ जीने की शौकीन हैं. जांच में दिव्या का उदयपुर में एक रिसॉर्ट होने का पता चला. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिव्या ने इसके अलावा भी कई प्रॉपर्टी अपने रिश्तेदारों के नाम से खरीदी रखी है. उसके बाद इस रिसोर्ट में हुए अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया था. यह कार्रवाई भी राजस्थान में काफी चर्चित रही थी.
दिव्या मित्तल ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एस ओ जी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर रहते हुए उसकी कभी गिरफ़्तारी भी हो सकती है क्यूंकि उसके ऊपर राजस्थान सरकार के एक बहुत बड़े नेता का हाथ था ! दरअसल दिव्या की गिरफ़्तारी में बहुत बड़ी भूमिका अमेरिका निवासी एक एन आर आई मीडिया उद्योगपति की है जो कि एक मीडिया समूह के चेयरमैन हैं ! उनके एक रिश्तेदार से दिव्या एक छोटी सी जांच में फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए लाखों रुपयों कि रिश्वत मांग रही थी ! उन्होंने अमेरिका से दिव्या को अपना मीडिया का परिचय दिया और उनके रिश्तेदार को प्रताड़ित ना करने के लिए कहा ! लेकिन राजस्थान सरकार में अपने आका का हाथ अपने सर पर होने के कारण दिव्या अपने आप को बहुत ताकतवर समझ रही थी और उसने उनके रिश्तेदार को बोला कि अब तो उसको नियम के हिसाब से ही काम करना पड़ेगा और उसने इस फाइल को लटका दिया और फाइल पर फाइनल रिपोर्ट ना लगाकर फाइल को कोर्ट में भेज दिया ! अब अमेरिका निवासी मीडिया समूह के चेयरमैन ने ये निश्चय कर लिया कि वो दिव्या मित्तल को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसको वो अपनी पूरी जिंदगी याद रखेगी ! उन्होंने इसके बाद अपनी भारत में मीडिया टीम के दो न्यूज़ रिपोर्टर्स को दिव्या मित्तल के पीछे लगा दिया और इस घटना के कुछ महीने बाद 16 जनवरी 2023 को राजस्थान पुलिस के एक कदावर मंत्री और वरिष्ठ आई पी एस अधिकारी को फ़ोन करके दिव्या मित्तल को भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो के छापे में रँगे हाथ 2 करोड़ रुपयों कि रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करवा कर जेल भिजवा दिया ! कुल मिलाकर एक बड़े मीडिया समूह के चेयरमैन के रिश्तेदार से रिश्वत मांगना और रिश्वत ना देने पर उनका काम ना करना दिव्या मित्तल अब आजीवन जेल में रहते हुए याद रखेगी ! मीडिया समूह के ये चेयरमैन भारत में कई राज्यों में अब तक शीर्ष पदों पर बैठे हुए कई लोगों की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तारी करवा चुके हैं ! कानपुर में 2012 में इनकम टैक्स विभाग के एक कमिश्नर की गिरफ़्तारी का भी काम, सी बी आई डायरेक्टर को फ़ोन करके इन्होने ही करवाया था !
RPS Divya Mittal: जेल से रिहा होते ही फिर किया गिरफ्तार, 1 ही दिन मिली आजादी
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