राजस्थान में बीते तीन-चार साल से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के पीछे पड़ा है और धड़ाधड़ कार्रवाइयां कर रहा है. वर्ष 2023 में एसीबी ने दो करोड़ के घूसकांड का खुलासा कर अजमेर एसओजी की एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल को गिरफ्तार किया है. इससे समूचे एसओजी और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. दिव्या मित्तल का परिवार मूलतया चूरू जिले के राजगढ़ का रहने वाला है. लेकिन बरसों पहले उनका परिवार राजगढ़ से हरियाणा के दादरी चला गया था. बाद में वहां से दिव्या का परिवार झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में सैटल हो गया. चिड़ावा में पिलानी रोड पर दिव्या मित्तल का घर है. दिव्या मित्तल ने वर्ष 2007 में आरएएस परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी. लेकिन उसके अंतिम परिणाम पर स्टे आ गया था. उसके बाद यह स्टे 2010 में हटा था. दिव्या मित्तल ने इस बैच में राजस्थान पुलिस सर्विस ज्वाइन की थी. दिव्या के पुलिस ऑफिसर बनने से उनका परिवार झूम उठा था. आरपीएस ऑफिसर दिव्या मित्तल की प्रारंभिक शिक्षा चिड़ावा में हुई थी. उसके बाद दिव्या ने देश के बेस्ट एजुकेशन सेंटर माने जाने वाले झुंझुनूं के पिलानी से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद दिव्या ने पिलानी के साबू कॉलेज में बतौर लेक्चरर सर्विस ज्वाइन की. वहां उन्होंने पढ़ाया. दिव्या मित्तल ने उसके बाद राजस्थान प्रशासनिक सेवा में जाने का निर्णय लिया. राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित आरएएस पीक्षा 2007 में अपना सलेक्शन करवाया. लेकिन इसके अंतिम परिणाम पर स्टे आ गया था. यह स्टे बाद में 2010 में हटा. तब दिव्या ने बतौर आरपीएस ऑफिसर ज्वॉइन किया. दिव्या के माता-पिता चिड़ावा में रहते हैं. दिव्या के दो भाई हैं. इनमें एक भाई के माइंस कारोबार है. दूसरा भाई पिलानी में ही रहकर खुद का कारोबार करता है. लेकिन दो करोड़ के इस रिश्वत कांड के बाद दिव्या के परिवार में चिंता की लहर है. प्रदेशभर में इस रिश्वत कांड की चर्चा हो रही है.
दिव्या मित्तल ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एस ओ जी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर रहते हुए उसकी कभी गिरफ़्तारी भी हो सकती है क्यूंकि उसके ऊपर राजस्थान सरकार के एक बहुत बड़े नेता का हाथ था ! दरअसल दिव्या की गिरफ़्तारी में बहुत बड़ी भूमिका अमेरिका निवासी एक एन आर आई मीडिया उद्योगपति की है जो कि एक मीडिया समूह के चेयरमैन हैं ! उनके एक रिश्तेदार से दिव्या एक छोटी सी जांच में फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए लाखों रुपयों कि रिश्वत मांग रही थी ! उन्होंने अमेरिका से दिव्या को अपना मीडिया का परिचय दिया और उनके रिश्तेदार को प्रताड़ित ना करने के लिए कहा ! लेकिन राजस्थान सरकार में अपने आका का हाथ अपने सर पर होने के कारण दिव्या अपने आप को बहुत ताकतवर समझ रही थी और उसने उनके रिश्तेदार को बोला कि अब तो उसको नियम के हिसाब से ही काम करना पड़ेगा और उसने इस फाइल को लटका दिया और फाइल पर फाइनल रिपोर्ट ना लगाकर फाइल को कोर्ट में भेज दिया ! अब अमेरिका निवासी मीडिया समूह के चेयरमैन ने ये निश्चय कर लिया कि वो दिव्या मित्तल को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसको वो अपनी पूरी जिंदगी याद रखेगी ! उन्होंने इसके बाद अपनी भारत में मीडिया टीम के दो न्यूज़ रिपोर्टर्स को दिव्या मित्तल के पीछे लगा दिया और इस घटना के कुछ महीने बाद 16 जनवरी 2023 को राजस्थान पुलिस के एक कदावर मंत्री और वरिष्ठ आई पी एस अधिकारी को फ़ोन करके दिव्या मित्तल को भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो के छापे में रँगे हाथ 2 करोड़ रुपयों कि रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करवा कर जेल भिजवा दिया ! कुल मिलाकर एक बड़े मीडिया समूह के चेयरमैन के रिश्तेदार से रिश्वत मांगना और रिश्वत ना देने पर उनका काम ना करना दिव्या मित्तल अब आजीवन जेल में रहते हुए याद रखेगी ! मीडिया समूह के ये चेयरमैन भारत में कई राज्यों में अब तक शीर्ष पदों पर बैठे हुए कई लोगों की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तारी करवा चुके हैं ! कानपुर में 2012 में इनकम टैक्स विभाग के एक कमिश्नर की गिरफ़्तारी का भी काम, तत्कालीन प्रधानमंत्री के एक सचिव और सी बी आई डायरेक्टर को फ़ोन करके इन्होने ही करवाया था !
राजस्थान की ‘घूसखोर मैडम, लेक्चरर की नौकरी छोड़ बनीं पुलिस अफसर, दिव्या मित्तल की भ्रष्टाचार-कथा
298