मिर्जापुर: यूपी के मिर्जापुर जनपद में एक बार फिर से एडीस मच्छर के काटने से फैलने वाली रोग डेंगू और चिकनगुनिया रोग ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ-साथ काफी संख्या में लोग वायरल बुखार के भी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में डेंगू और वायरल फीवर के लक्षण लगभग एक जैसे होने से लोग इनमें अंतर नहीं कर पाते हैं। जिसके वजह से रोगियों की हालत अधिक बिगड़ जाती है। एक्सपर्ट के मुताबिक, यदि डेंगू के लक्षणों को पहचानकर समय पर उपचार न कराया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। आइए मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डाक्टर दिलीप चौरसिया से जानते हैं डेंगू और वायरल की कैसे करें पहचान और क्या हैं लक्षण।
मेडिसिन विभाग के एचओडी डाक्टर दिलीप चौरसिया ने बोला कि बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। जिसके वजह से डेंगू के मुद्दे भी सामने आने लगते हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू एक वायरल इंफेक्शन (Viral Infection) है, जो वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता है। साथ ही इसी समय वायरल फीवर से पीड़ित रोगी सामने आते हैं। ऐसे में दोनों में अंतर जानना बहुत जरूरी है। वो आगे बताते हैं कि वायरल फीवर में जहां सर्दी के साथ बुखार आता है और दो से तीन दिन में ठीक हो जाता है। वहीं डेंगू में सर्दी होने की आसार बहुत कम रहती है। इसमें तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द होना, उल्टी आना, पेट में दर्द, वीकनेस होना, अधिक थकान, प्लेटलेट कम होना और शरीर में चकत्ता पड़ना इसके प्रमुख लक्षण है।
सुबह और शाम के समय में ही काटते हैं डेंगू के मच्छर
डॉ। दिलीप चौरसिया ने कहा कि डेंगू के मच्छर रुके हुए पानी में प्रजनन करता है। इसके मच्छर बहुत अधिक ऊंचा नहीं उड़ पाते हैं। ऐसे में ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले खासकर जमीन पर सोने वाले लोगों को डेंगू होने की आसार अधिक रहती है। वो आगे बताते हैं कि डेंगू के मच्छर ज्यादातर सुबह और शाम के समय में ही काटते हैं। ऐसे में बचाव बहुत जरूरी हो जाता है। डाक्टर दिलीप ने कहा कि सुबह और शाम के समय घर के बाहर जब भी निकलें फूल आस्तीन के कपड़े पहने। इस समय पार्क में न बैठें।