- पहले दस ओवर में निपट गई इंग्लैंड की आधी टीम
- इंग्लैंड के चार बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल पाए
- 18 वर्ष पहले टीम इण्डिया ने किया था ऐसा ही कारनामा
ENG vs IND : इंग्लैंड ने अपनी जमीन पर टीम इण्डिया को फंसाने के लिए जो जाल बुना था, वो उसमें स्वयं ही फंस गई. टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी ने इतनी बहुत बढ़िया गेंदबाजी की कि इंग्लैंड के बल्लेबाजों के पास इसका कोई उत्तर ही नहीं था. अभी टीम के खाते में 27 रन ही जुड़े थे कि तब तक इंग्लैंड की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी. इन पांच विकेट में से चार विकेट जसप्रीत बुमराह ने अपने नाम किए थे, वहीं एक विकेट लेने में सफल मोहम्मद शमी रहे. टीम इण्डिया ने पहले दसे ओवर में ही इंग्लैंड के पांच विकेट चटका दिए. इससे पहले टीम इंंडिया ने 18 वर्ष पहले यूएई के विरूद्ध पहले दस ओवर में पांच विकेट गिरा दिए थे. इसके बाद अब ये कारनामा टीम इण्डिया ने दोहराया है.
हरी पिच पर जॉस बटलर भी करना चाहते थे पहले गेंदबाजी
टीम इण्डिया के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीता और बिना देरी किए पहले गेंदबाजी का निर्णय कर लिया. रोहित शर्मा ने बताया कि पिच पर हरी घास है, वे प्रयास करेंगे कि भारतीय टीम के तेज गेंदबाज इसका लाभ उठाएं और शीघ्र जल्दी विकेट ले लें. वहीं जब इंग्लैंड के कप्तान जॉस बटलर से बात की गई तो उन्होंने भी यही कहा. उनका बोलना था कि यदि वे टॉस जीतते तो वे भी पहले गेंदबाजी ही करते. दरअसल इंग्लैंड ने टीम इण्डिया को फंसाने के लिए हरी घास वाली पिच बनाई थी, ताकि उनके तेज गेंदबाज टीम इण्डिया को शीघ्र आउट कर दें, लेकिन यहां दांव उल्टा पड़ गया. रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुन ली. अच्छी बात ये भी रही कि जसप्रीत बुूमराह और मोहम्मद शमी ने वही काम किया, जिसकी आशा कप्तान रोहित शर्मा ने की थी. यही अपने ही बनाए गए चक्रव्यूह में स्वयं इंग्लैंड की टीम फंस गई.
एक के बाद एक लगातार गिरते चले गए इंग्लैंड के विकेट
इंग्लैंड का पहला विकेट दूसरे ही ओवर में गिर गया, जब जेसन रॉय को जसप्रीत बुमराह ने क्लीन बोल्ड कर दिया, उस समय टीम का स्कोर सिर्फ छह ही रन था. इसके बाद इसी स्कोर पर पूर्व कप्तान जो रूट भी इसी ओवर की अंतिम गेंद पर पवेलियन लौट गए. टीम के खाते में अभी एक ही रन और जुड़ा था यानी टोटल सात रन हुए थे कि बेन स्टोक्स भी चलते बने. इासके बाद लगा कि अब जॉनी बेयरस्टो और जॉस बटलर स्थिति को संभाल लेंगे. लेकिन जब टीम का स्कोर 17 रन था, तभी जॉनी बेयरस्टो की पारी का भी अंत हो गया. आशा थी कि कप्तान जॉस बटलर का साथ लियाम लिविंगस्टोन देंगे, लेकिन लिविंगस्टोन भी बिना खाता खोले ही वापस लौट गए. इसेक बाद कप्तान जॉस बटलर ने स्वयं मोर्चा संभाला और उनका साथ मोईन अली ने दिया. लेकिन जिस तरह की गेंदबाजी टीम इण्डिया ने की है, उससे इंग्लैंड की टीम बैकफुट पर है और आने वाले दो और मैचों में पिच कुछ अलग अंदाज की नजर आए तो चौंकिएगा नहीं.