आजकल सिंगर आदित्य नारायण का वेट लॉस (Aditya Narayan’s Weight loss journey) काफी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने केवल 6 हफ्तों के अंदर 6 किलो वजन घटाया है। एक हिंदी न्यूजपेपर की वेबसाइट के मुताबिक, आदित्य की न्यूट्रिशनिस्ट ने उनकी डाइट में फूल गोभी से बने चावल खाने की राय दी थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फूल गोभी के चावल कैसे बनाए जाते हैं और सफेद चावल की स्थान क्यों इसे खाने की राय दी जाती है। आइए इस आर्टिकल में फूल गोभी के चावल खाने के लाभ (Cauliflower Rice Benefits) जानते हैं।
Cauliflower Rice Recipe: घर पर कैसे बनाएं फूल गोभी के चावल
फूल गोभी के चावल असल में फूल गोभी का चूरा होता है। जो कि दिखने में एकदम सफेद चावल की तरह होता है। फूल गोभी के चावल बनाने के लिए आपको निम्नलिखित उपाय अपनाना पड़ेगा। जैसे-
- सबसे पहले फूल गोभी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लीजिए।
- अब इन टुकडों को कद्दूकस के साथ कस लीजिए।
- कसे जाने के बाद फूल गोभी एकदम चावल की तरह दिखाई देगी।
- लेकिन ध्यान रखें कि इसको अधिक नहीं कद्दूकस करना है, क्योंकि इससे उसका हलवे की तरह बनने का खतरा हो जाता है।
Cauliflower Rice Benefits: फूल गोभी के चावल खाने के जबरदस्त फायदे
फूल गोभी के चावल खाने से आपको फूल गोभी के ही लाभ मिलते हैं। जो कि निम्नलिखित हैं।
गर्भवती स्त्रियों के लिए फायदेमंद
हेल्दी सेल्स की ग्रोथ के लिए फोलेट काफी महत्वपूर्ण होता है और गर्भवती स्त्रियों को प्रतिदिन कम से कम 400 माइक्रोग्राम फोलेट की आवश्यकता होती है। जिसके लिए वो फूल गोभी के चावल खा सकती हैं। क्योंकि, फूल गोभी में भरपूर मात्रा में फोलेट होता है।
पाचन ठीक होता है
फूल गोभी में सॉल्यूबल और इनसॉल्यूबल दोनों डायटरी फाइबर होते हैं। जो कि कब्ज से राहत प्रदान करते हैं और पाचन को आसान बनाते हैं। यदि आपका पेट खराब रहता है, तो आपको फूल गोभी के चावल का सेवन करना चाहिए। वहीं फूल गोभी वेट लॉस में काफी मददगार होती है।
हाई ब्लड प्रेशर से राहत
फूल गोभी में सल्फोराफेन नाम का केमिकल होता है, जो कई शोधों में हाई ब्लड प्रेशर से राहत देने में मददगार देखा गया है। हालांकि, इस बारे में अधिक अध्ययन होने की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक के नतीजे आशाजनक हैं।
विटामिन सी से इम्युनिटी होती है मजबूत
इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त विटामिन सी पाना बहुत महत्वपूर्ण है। वहीं, फूल गोभी के चावल में विटामिन सी बहुत होता है। जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने में सहायता करता है।