नई दिल्ली: क्रिकेट में कब क्या हो जाए बोला नहीं जा सकता. कभी बाजी इस ओर पलटती है तो कभी दूसरी ओर करवट बदल लेती है. मंगलवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच हुए मुकाबले में इसकी एक बानगी देखने को मिली. दिल्ली कैपिटल्स की टीम हारते-हारते इस मुकाबले को जीत गई. कैपिटल्स की जीत में अनुभवी गेंदबाज ईशांत शर्मा का बड़ा सहयोग रहा. उन्होंने अंतिम ओवर में बहुत बढ़िया गेंदबाजी कर न केवल टीम की वापसी कराई बल्कि बहुत बढ़िया जीत दिलाकर प्लेऑफ की उम्मीदों को भी जिंदा कर दिया.
राहुल तेवतिया ने बदल दिया था मैच का रुख
दरअसल, 19वें ओवर में राहुल तेवतिया ने तीन गेंदों में तीन छक्के ठोक मैच का रुख बदल दिया था. एनरिक नॉर्ख्या के इस ओवर में कुल 21 रन आए थे और बाजी बिलकुल पलट चुकी थी. लगने लगा कि कैपिटल्स के हाथ से एक और मुकाबला निकल जाएगा. अब बारी लास्ट ओवर की थी, जिसमें ईशांत को केवल 11 रन बचाने थे. ईशांत ने पहली गेंद डाली तो हार्दिक पांड्या ने बड़ा शॉट लगाया, हालांकि वे नो फील्डर जोन में गेंद जाने के बाद कैच से बच गए. पांड्या को इस गेंद पर दो रन मिले. दूसरी गेंद ईशांत ने यॉर्कर डाली, जिस पर पांड्या केवल एक रन ले सके. ईशांत ने राहुल तेवतिया को तीसरी गेंद ऑफ साइड की लेंथ पर यॉर्कर डाल दी, जिस पर तेवतिया बल्ला भी नहीं लगा सके. हालांकि वाइड के लिए उनका रिव्यू भी खराब चला गया. अब बारी थी उस बॉल की जिसे वॉर्नर शायद कभी नहीं भूल पाएंगे.