नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने बृहस्पतिवार को बोला कि कई प्रदेश इकाइयों में उनके प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खरगे का स्वागत किया जाता है और बड़े-बड़े नेता उनसे मिलते हैं, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होता। हालांकि, उन्होंने यह भी बोला कि वह कोई कम्पलेन नहीं कर रहे हैं, लेकिन प्रबंध में कमियां हैं क्योंकि 22 वर्ष से पार्टी में चुनाव नहीं हुआ है। थरूर ने यह भी बोला कि केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने का कोशिश किया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी के डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) के साथ बैठक की और अपने लिए वोट मांगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए पीसीसी से जाता है निर्देशः शशि थरूर
थरूर ने कहा, ‘कुछ नेताओं ने ऐसे काम किए हैं, जिस पर मैंने बोला कि समान अवसर नहीं है। कई पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी) में हमने देखा कि पीसीसी अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और कई बड़े नेता खरगे साहब का स्वागत करते हैं, उनके साथ बैठते हैं, पीसीसी से (डेलीगेट को) निर्देश जाते हैं कि आ जाओ, खरगे साहब आ रहे हैं। यह केवल एक ही उम्मीदवार के लिए हुआ। मेरे साथ कभी नहीं हुआ। इस प्रजाति की कई चीजें कई पीसीसी में हुईं।’
उनके अनुसार, वह कई पीसीसी गए, लेकिन पीसीसी अध्यक्ष मौजूद नहीं होते। थरूर ने कहा, ‘मैं कोई कम्पलेन नहीं कर रहा हूं। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मुझे अधिक फर्क पड़ेगा। यदि आप पूछते हूं कि समान अवसर मिल रहा है तो क्या आपको लगता है कि इस तरह के व्यवहार में कुछ फर्क नहीं है?’ उन्होंने यह भी बोला कि गांधी परिवार और पार्टी के शीर्ष स्तर से पहले ही तटस्थता की बात कर दी गई है और इस चुनाव में सबको अपनी मर्जी से वोट करना चाहिए क्योंकि यह गुप्त मतदान है। बता दें कि कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को मतदान होना है और 19 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी. मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में उम्मीदवार हैं।