ममता गवर्नमेंट में मंत्री फिरहाद वैध ने बोला कि पार्थ चटर्जी के मुद्दे में हमें लज्जा आती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सभी भ्रष्टाचारी हैं. हमने अपना अधिकतर जीवन परिवार को न देकर सामाजिक सेवा में लगाया, ऐसा हमने इसलिए नहीं किया कि हमें भ्रष्टाचारी बोला जाए.
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी एसएससी भर्ती घोटाला के केंद्र में हैं और दोनों को लेकर प्रदेश में जमकर राजनीति हो रही है. आपको बता दें कि पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. इसी बीच एसएससी भर्ती घोटाला को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी गवर्नमेंट के विरूद्ध जमकर प्रदर्शन किया.
हम सभी भ्रष्टाचारी नहीं
ऐसे में ममता गवर्नमेंट में मंत्री फिरहाद वैध का बयान सामने आया. जिसमें उन्होंने बोला कि हम सभी भ्रष्टाचारी नहीं हैं. मंत्री फिरहाद वैध ने बोला कि पार्थ चटर्जी के मुद्दे में हमें लज्जा आती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सभी भ्रष्टाचारी हैं. हमने अपना अधिकतर जीवन परिवार को न देकर सामाजिक सेवा में लगाया, ऐसा हमने इसलिए नहीं किया कि हमें भ्रष्टाचारी बोला जाए.
पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को कोलकाता की एक विशेष न्यायालय ने शुक्रवार को 18 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. विशेष पीएमएलए न्यायालय के न्यायाधीश जिबोन कुमार साधू ने प्रवर्तन निदेशालय के निवेदन पर पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को 14-14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा.
आपको बता दें कि एसएससी की ओर से की गई भर्तियों में कथित अनियमितता में धन के लेन-देन से जुड़ी जांच के सिलसिले में 23 जुलाई को पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को अरैस्ट किया गया था. तब से दोनों प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया था कि उसने पार्थ मुखर्जी के स्वामित्व वाले आवासों से 49.80 करोड़ रुपए नकद, ज़ेवरात, और सोने की छड़ें बरामद की हैं. साथ ही यह भी बोला था कि जांच एजेंसी को संपत्तियों और कंपनियों से संबंधित दस्तावेज़ भी मिले हैं.