सीएजी की रिपोर्ट अब तक विधानसभा पटल पर न रखने के मुद्दे में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने गंभीर विरोध जताई है. अब अरविंद केजरीवाल गवर्नमेंट इस रिपोर्ट को जनता के सामने नहीं रखती है, तो बीजेपी इसे जनता के बीच मामला बनाएगी और उसके सहारे केजरीवाल की छवि पर हमला बोलेगी, जबकि यदि गवर्नमेंट रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रख देती है, तो इसमें कई ऐसी बातें सामने आ सकती हैं जिसमें गवर्नमेंट घिर सकती है. लिहाजा केजरीवाल के विरूद्ध बीजेपी का पूरा प्लान सीएजी रिपोर्ट के आसपास आकर टिक गया है.
स्कूल निर्माण में हुआ घोटाला
केजरीवाल गवर्नमेंट का करप्शन हमारा सबसे बड़ा मुद्दा- भाजपा
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भाजपा के लिए दिल्ली का किला जीतना अब तक अबूझ पहेली बना हुआ है, लेकिन बीजेपी नेताओं को लगता है कि अब वह अरविंद केजरीवाल को दिल्ली में घेरने में सफल हो पाएंगे. एक्साइज पॉलिसी में हुआ घोटाला, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की प्रवर्तन निदेशालय जांच और शिक्षा क्षेत्र में हुई अनियमितता उसका हथियार बन सकती हैं. सीएजी की रिपोर्ट में कथित तौर पर 31,724 करोड़ रुपये की अनियमितता होने की बात सामने आई है. बीजेपी इन मुद्दों को पुरजोर ढंग से उठाकर जनता के बीच अरविंद केजरीवाल की उसी छवि पर हमला करने की रणनीति बना रही है, जिसके दम पर वे अब तक अपनी राजनीति करते आए हैं.