मुंबई . लोकसभा चुनाव के नतीजे की घोषणा से एक दिन पहले विधायक रवि राणा ने अपने दावे से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल ला दी है. उन्होंने बयान जारी कर बोला कि महज 15 दिन के अंदर शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे पीएम मोदी के साथ मिलकर गवर्नमेंट बनाएंगे.
अगर राणा का यह दावा सच निकला, तो यह ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि महाराष्ट्र की राजनीति में ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूती प्रदान करने में उद्धव ठाकरे की पार्टी ने अहम किरदार निभाई है.
वहीं, हाल ही में लोकसभा चुनाव के नतीजे को लेकर सामने आए एग्जिट पोल में महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) को बढ़त की स्थिति में दिखाया गया है. उसे 14-20 सीटें आने का अनुमान है. प्रदेश में लोकसभा की कुल सीटें 48 हैं. एग्जिट पोल के सामने आने के बाद राणा के इस दावे ने महाराष्ट्र की राजनीति में राजनीतिक हलचल ला दी है.
रवि राणा ने कहा, “उद्धव ठाकरे अपनी सियासी दूरदर्शिता के दम पर इस बात को जान चुके हैं कि यदि वह मौजूदा समय में अपनी सियासी समृद्धि चाहते हैं, तो उन्हें पीएम मोदी की शरण में आना ही होगा. इसलिए मैं यह दावे के साथ कहता हूं कि आने वाले कुछ दिनों में आप लोगों को उद्धव ठाकरे और पीएम एक मंच पर एक-दूसरे से हाथ मिलाते हुए दिखेंगे. एनडीए के शपथ ग्रहण से पहले पीएम मोदी और उद्धव ठाकरे एक मंच पर दिखेंगे.“
उल्लेखनीय है कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में मूल शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था. लेकिन चुनाव रिज़ल्ट आने के बाद में दोनों के बीच सीएम पद को लेकर टकराव हो गया. दोनों अपना-अपना सीएम बनाना चाहते थे. बाद में यह टकराव इस कदर बढ़ गया कि सुबह पौ फटने से पहले ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पार्टी के अजित पवार बागी होकर बीजेपी को समर्थन देकर उपमुख्यमंत्री बन गये. देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की शपथ ली थी. लेकिन गवर्नमेंट चली नहीं और शिवसेना ने कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पार्टी के साथ मिलकर गवर्नमेंट बनाई तथा गठबंधन को ‘महाविकास अघाड़ी’ नाम दिया.
इन सब सियासी परिघटनाओं के परिणामस्वरूप उद्धव ठाकरे सीएम की कुर्सी पर विराजमान हुए, लेकिन वह करीब ढाई वर्ष बाद एकनाथ शिंदे ने बगावत करते हुए शिवसेना को तोड़ दिया. शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर बालासाहेब ठाकरे के सियासी विचारों को तिलांजलि देने का इल्जाम लगाया और अपने समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी के समर्थन से गवर्नमेंट बनाई.