भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और बेगूसराय से लगातार दूसरी बार संसद भवन में पहुंचे गिरिराज सिंह को एनडीए गवर्नमेंट में कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. मोदी गवर्नमेंट के पिछले कार्यकाल में उनके पास पशुधन और डेयरी मंत्रालय था. 2014 में उन्होंने बिहार की नवादा लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी. तो वहीं 2019 में सिंह ने जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और सीपीआई के युवा नेता कन्हैया कुमार को बेगूसराय से शिकस्त दी थी.
गिरिराज सिंह का जन्म 8 सितंबर 1952 को बिहार के लखीसराय जिले के बरही गांव में हुआ था. वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और उनकी प्रारंभिक शिक्षा क्षेत्रीय विद्यालयों में ही हुई है. सिंह ने मगध यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी राजनीति और समाजशास्त्र में बचपन से ही रुचि होने के कारण उन्होंने सियासी जीवन में अपना कदम रखा. गिरिराज सिंह ने अपने करियर की आरंभ बीजेपी के साथ की और पार्टी के संगठन को मजबूत करने और राज्य में बीजेपी की विचारधारा को फैलाने के लिए मुश्किल परिश्रम किया. उनकी निष्ठा और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें पार्टी के विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया.
वे 2000 में लखीसराय विधानसभा क्षेत्र से चुनकर बिहार की विधानसभा में पहुंचे. जहां उन्होंने 2014 तक इस सीट का अगुवाई किया. 2008 से 2010 के बीच गिरिराज सिंह नीतीश कुमार की गवर्नमेंट में मंत्री भी रहे. तो वहीं 2010 से 2013 तक उन्होंने राज्य गवर्नमेंट में पशुपालन और डेयरी मंत्रालय भी संभाला था. गिरिराज सिंह अपने सियासी जीवन की आरंभ से पीएम मोदी का समर्थन करते रहे हैं. पीएम पद के लिए मोदी का नाम गिरिराज सिंह ने 2013 में सार्वजनिक तौर पर आगे बढ़ाया था. 2014 में सांसद बनने के उन्हें लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया. इसके बाद 2019 में उनका प्रमोशन हुआ और वह पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री बने. 2021 में गिरिराज सिंह को ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय का जिम्मा भी सौंपा गया था.