महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक जारी है. अजित पवार के साथ आठ अन्य राकांपा विधायकों के शिंदे-भाजपा गवर्नमेंट में शामिल होने के बाद कयासों का दौर जारी है. कैबिनेट फेरबदल की चर्चा के बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे का सीएम पद खतरे में हो सकता है. ‘सरकार में बदलाव’ पर उनकी भविष्यवाणी तब आई है जब ऐसी खबरें सामने आईं कि बीजेपी द्वारा दरकिनार किए जाने और पवार के उत्थान की आशंकाओं के कारण शिंदे खेमे में कठिनाई बढ़ रही है.
कयासों का दौर
आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि मैंने सुना है कि मुख्यमंत्री (एकनाथ शिंदे) को इस्तीफा देने के लिए बोला गया है और (सरकार में) कुछ परिवर्तन हो सकता है. वहीं, पार्टी के एक अन्य नेता ने बोला कि शिंदे खेमे के 20 विधायक हमारे संपर्क में हैं. हालांकि, शिंदे ने एनसीपी नेताओं को शामिल किए जाने को लेकर शिवसेना में विद्रोह से इनकार किया है और बोला है कि उनकी स्थिति को कोई खतरा नहीं है. नए सीएम की अटकलों को खारिज करते हुए, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने बोला कि विपक्ष जानबूझकर भ्रम पैदा कर रहा है और शिंदे मुख्यमंत्री बने रहेंगे. अपने गठन के एक वर्ष बाद, शिंदे-फडणवीस गवर्नमेंट के अगले हफ्ते दूसरे कैबिनेट विस्तार की आशा है.
मुझे कोई खतरा नहीं है: एकनाथ शिंदे
शिंदे ने बोला कि राज्य की शिवसेना-भाजपा गवर्नमेंट में राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) नेता अजित पवार के शामिल होने से उन्हें कोई खतरा नहीं है. उन्होंने बोला कि ऐसी चीजें तब होती हैं जब पार्टी के मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जाती है. अजित पवार ने स्वयं बोला है कि वह शरद पवार ही थे जो पहले 2017, 2019 में बीजेपी (भाजपा) के साथ गठबंधन चाहते थे लेकिन बाद में उन्होंने ‘यू-टर्न’ ले लिया. उन्होंने यह भी बताया कि शरद पवार ने स्वयं 1978 में तत्कालीन सीएम वसंतदादा पाटिल और 1999 में कांग्रेस पार्टी नेता सोनिया गांधी के विरूद्ध विद्रोह किया था. उन्हें सीएम पद से हटाए जाने की अटकलों को खारिज करते हुए शिंदे ने बोला कि ये आधारहीन अफवाहें हैं और इसे लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं है.