दोनों ही स्थानों पर आयोजित समारोहों में यूपी की गवर्नर आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बोला कि पिछली सरकारों में कल्याणकारी योजनाएं वातानुकूलित कमरों में बैठकर बनाई जाती थीं, बिना यह जाने कि जमीन पर उनका (योजनाओं का) क्या असर हो रहा है.
अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सच्ची धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय का उदाहरण बताया.
मोदी ने बोला पिछली सरकारें बिना जमीनी सचाई देखे, अपनी योजनाएं वातानुकूलित कमरों में बैठकर बनाती थीं, लेकिन अब बीजेपी गवर्नमेंट ने संवाद की एक नयी परंपरा प्रारम्भ की है.’’
प्रधानमंत्री ने कहा, और इसका असर यह है कि योजनाओं का फायदा और फीडबैक दोनों प्रत्यक्ष हैं. साथ ही उन्होंने कहा, गरीबों के लिए आत्म-सम्मान सुनिश्चित करना मोदी की गारंटी है.
उत्तर प्रदेश के दौरे पर आए पीएम का दूसरा पड़ाव वाराणसी था.
इससे पहले गोरखपुर में उन्होंने गीता प्रेस के शताब्दी कार्यक्रम के समाप्ति कार्यक्रम को संबोधित किया.
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर उन्होंने दो नयी वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई.
दोनों ही शहरों में उन्होंने अनेक विकास परियोजनाओं का अनावरण किया.
वाराणसी में मोदी ने 12,100 करोड़ रुपये की 29 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया.
उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन-सोन नगर रेलवे लाइन का शुरुआत किया. 6,760 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित यह नयी लाइन माल की तेज और अधिक कुशल आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगी.
मोदी ने कहा, जिन लोगों ने राष्ट्र पर दशकों तक राज किया, उनके शासन के मूल में ही बेईमानी रही. और जब ऐसा होता है तो चाहे कितना भी धन इकट्ठा हो, तो कम ही पड़ता है. 2014 से पहले भ्रष्टाचारियों और परिवारवादियों की सरकारों के दौरान ऐसा ही कारोबार चलता था.
उन्होंने कहा, बजट की जब भी बात आती थी, तो घाटे का, हानि का ही बहाना होता था.
आज गरीब कल्याण हो या फिर इंफ्रास्ट्रक्चर, बजट की कोई कमी नहीं है. वही करदाता हैं, वही सिस्टम है. लेकिन गवर्नमेंट बदली है, नीयत बदली है, तो रिज़ल्ट भी बदले दिख रहे हैं.
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा, पहले करप्शन और कालाबाजारी की खबरों से अखबार भरे रहते थे. अब नयी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की खबरें अखबारों में छाई रहती हैं.
उन्होंने कहा, बीते 9 सालों में आए बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण, इंडियन रेलवे है. ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यानी मालगाड़ियों के लिए विशेष पटरियों की योजना 2006 में प्रारम्भ हुई थी. लेकिन 2014 तक एक किलोमीटर ट्रैक भी नहीं बिछ पाया था. एक किलोमीटर भी नहीं.
मोदी ने कहा, पिछले 9 सालों में इसका एक बहुत बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है. इस पर मालगाड़ियां चलनी शुरु कर चुकी हैं. आज भी दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से न्यू सोननगर खंड का लोकार्पण किया गया है.
इससे मालगाड़ियों की गति तो बढ़ेगी ही, पूर्वांचल में, पूर्वी हिंदुस्तान में रोजगार के अनेक नए अवसर बनेंगे.
उन्होंने बोला कि आज भी गोरखपुर से दो नयी वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई गई है. एक ट्रेन गोरखपुर से लखनऊ के लिए चली है और दूसरी अहमदाबाद से जोधपुर रूट पर चली है. राष्ट्र के मध्यम वर्ग में ये वंदे हिंदुस्तान इतनी सुपरहिट हो गई है, कि कोने-कोने से इसके लिए मांग आ रही है. वो दिन दूर नहीं, जब वंदे भारत, राष्ट्र के कोने-कोने को जोड़ेगी.
प्रधानमंत्री ने देश को तीन रेलवे लाइन भी समर्पित कीं जिनका विद्युतीकरण या दोहरीकरण 990 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पूरा किया गया है, इनमें गाजीपुर-औड़िहार रेल लाइन, औड़िहार-जौनपुर रेल लाइन और भटनी-औड़िहार रेल लाइन शामिल हैं.
करीब 2750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एनएच-56 के वाराणसी-जौनपुर खंड का चार-लेन चौड़ीकरण भी पूरा हुआ और इसे भी देश को समर्पित किया गया.
पीएम ने जिन अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें 18 पीडब्ल्यूडी सड़कों का निर्माण और नवीनीकरण, बीएचयू परिसर में अंतर्राष्ट्रीय स्त्री छात्रावास के भवन का निर्माण, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीईटी) – ग्राम करसड़ा में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, पुलिस स्टेशन सिंधौरा, पीएसी भुल्लनपुर, फायर स्टेशन पिंडरा आदि शामिल हैं.
इसके अतिरिक्त उन्होंने सरकारी आवासीय विद्यालय तरसदा में आवासीय भवन और आर्थिक क्राइम अनुसंधान संगठन के भवन का उद्घाटन किया. मोदी ने अनेक परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी.
समारोह के दौरान उन्होंने पीएम स्वनिधि के अनुसार कर्ज और पीएमएवाई ग्रामीण आवास की चाबियां और आयुष्मान कार्ड भी लाभार्थियों को वितरित किए.
मोदी ने पांच लाख पीएमएवाई लाभार्थियों के गृह प्रवेश की घोषणा के साथ 1.25 लाख पीएम स्वनिधि कर्ज और 2.88 करोड़ आयुष्मान कार्ड वितरण का भी घोषणा किया.
दोनों ही स्थानों पर आयोजित समारोहों में यूपी की गवर्नर आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे.