भाजपा की ओर से रविशंकर प्रसाद के एक प्रेस वार्ता की. उन्होंने राहुल पर ओबीसी समाज के अपमान का आरोप लगाया. उन्होंने बोला कि राहुल आदतन क्रिमिनल हैं और वह टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़े होते हैं.
मोदी सरनेम मानहानि मुद्दे में गुजरात उच्च न्यायालय ने कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी है. सेशन न्यायालय के आदेश को राहुल ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. अभी समाचार है कि अब राहुल गांधी उच्चतम न्यायालय का रूख करेंगे. इन सब के बीच बीजेपी ने आज एक बार फिर से दोहराया कि राहुल गांधी को इस मुद्दे में माफी मांगनी चाहिए. बीजेपी की ओर से रविशंकर प्रसाद के एक प्रेस वार्ता की. उन्होंने राहुल पर ओबीसी समाज के अपमान का आरोप लगाया. उन्होंने बोला कि राहुल आदतन क्रिमिनल हैं और वह टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़े होते हैं.
राहुल आदतन अपराधी
रविशंकर प्रसाद ने बोला कि हम कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहते हैं – आप राहुल गांधी को नियंत्रित क्यों नहीं कर सकते? आप उसे ठीक से बोलने का प्रशिक्षण क्यों नहीं दे पाते? वह आपका नेता है. प्रसाद ने बोला कि यदि उन्होंने इस मुद्दे में माफी मांग ली होती, तो यह समाप्त हो गया होता. मशहूर नेताओं और संगठनों के विरूद्ध गाली देना, बदनाम करना और लगभग सबसे खराब तरह की गालियां देना राहुल गांधी की पुरानी आदत बन गई है. उन्होंने बोला कि सावरकर को लेकर राहुल के दिल में नभरत है.
2019 के चुनाव में टिप्पणी की थी
भाजपा नेता ने बोला कि राहुल गांधी ने 2019 के चुनाव में एक टिप्पणी की थी कि सारे चोरों के सरनेम मोदी क्यों होते हैं. देशभर में मोदी सरनेम अधिकतर पिछड़ों और अति पिछड़ों का होता है और ये घोर रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी थी. लोअर न्यायालय ने उन्हें 2 वर्ष की सजा दी, जिसके विरूद्ध वह सेशन न्यायालय गए. सेशन न्यायालय ने उन्हें बेल तो दे दी लेकिन conviction को स्टे नहीं किया. इसके विरूद्ध वह गुजरात उच्च न्यायालय गए और उनकी प्रयास यही थी कि उनका conviction स्टे किया जाए और आज गुजरात हाई कोई ने उनकी इस प्रेयर को रिजेक्ट कर दिया है.
शहजाद पूनावाला का आरोप
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने बोला कि कांग्रेस और राहुल गांधी को आज एक बार फिर झटका लगा. सेशन न्यायालय के बाद गुजरात उच्च न्यायालय ने भी उन्हें आईना दिखाया. उन्होंने बोला कि वे ओबीसी समुदाय का अपमान करते हैं और फिर माफी मांगने के बजाय अहंकार से काम करते हैं. राहुल गांधी को ओबीसी समुदाय से माफी मांगनी चाहिए लेकिन इसके बजाय, या तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता जज को धमकी देते हैं या कांग्रेस न्यायपालिका पर प्रश्न उठाती है.
राहुल गांधी को झटका
गुजरात हाई कोर्ट ने ‘‘मोदी उपनाम’’ वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मुद्दे में कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाने का निवेदन करने संबंधी उनकी याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी. न्यायमूर्ति हेमंत प्रच्छक ने याचिका खारिज करते हुए बोला कि गांधी पहले ही देशभर में 10 मामलों का सामना कर रहे हैं और निचली न्यायालय का कांग्रेस पार्टी नेता को दोषी ठहराने का आदेश ‘‘न्यायसंगत, उचित और वैध’’ है. दालत ने बोला कि दोषसिद्धि पर रोक लगाने का कोई तर्कसंगत कारण नहीं है. यदि दोषसिद्धि पर रोक लग जाती, तो इससे राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने का मार्ग प्रशस्त हो जाता.