कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, ने ‘मोदी उपनाम’ वाली टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मुद्दे में राहुल गांधी की याचिका गुजरात हाई कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि अहंकारी सत्ता सच को दबाने के लिए हर हथकंडे आजमा रही है। प्रियंका ने साथ ही बोला कि जनता के हितों से जुड़े प्रश्नों से ध्यान भटकाने के लिए केंद्र गवर्नमेंट साम, दाम, दंड, भेद का सहारा ले रही है।
प्रियंका गांधी ने रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कविता का एक अंश उद्धृत करते हुए ट्वीट किया, ‘समर शेष है, जनगंगा को खुल कर लहराने दो, शिखरों को डूबने और मुकुटों को बह जाने दो, पथरीली ऊंची जमीन है तो उसको तोड़ेंगे, समतल पीटे बिना समर की भूमि नहीं छोड़ेंगे, समर शेष है, चलो ज्योतियों के बरसाते तीर, खण्ड-खण्ड हो गिरे विषमता की काली जंजीर।’
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘राहुल गांधी जी इस अहंकारी सत्ता के सामने सत्य और जनता के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। अहंकारी सत्ता चाहती है कि जनता के हितों के प्रश्न न उठें, अहंकारी सत्ता चाहती है कि राष्ट्र के लोगों की जिंदगियों को बेहतर बनाने वाले प्रश्न न उठें, अहंकारी सत्ता चाहती है कि उनसे महंगाई पर प्रश्न न पूछे जाएं, युवाओं के रोजगार पर कोई बात न हो, किसानों की भलाई की आवाज न उठे, स्त्रियों के अधिकार की बात न हो, मजदूरों के सम्मान के प्रश्न को न उठाया जाए।’
‘सत्ता का अहंकार अधिक दिन टिकेगा’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘अहंकारी सत्ता सच को दबाने के लिए हर हथकंडे आजमा रही है, जनता के हितों से जुड़े प्रश्नों से भटकाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद, छल, कपट: सब अपना रही है। लेकिन, सत्य, सत्याग्रह और जनता की ताकत के सामने न तो सत्ता का अहंकार अधिक दिन टिकेगा और न ही सच्चाई पर असत्य का परदा।’ उनका बोलना था कि राहुल गांधी जी ने इस अहंकारी सत्ता के सामने जनता के हितों से जुड़े प्रश्नों की ज्योति जलाकर रखी है।
‘राहुल गांधी हर मूल्य चुकाने को तैयार’
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘इसके लिए राहुल गांधी हर मूल्य चुकाने को तैयार हैं और अनेक हमलों और अहंकारी बीजेपी गवर्नमेंट के हथकंडों के बावजूद एक सच्चे देशप्रेमी की तरह जनता से जुड़े प्रश्नों को उठाने से पीछे नहीं हटे हैं। जनता का दर्द बांटने के कर्तव्य पथ पर डटे हुए हैं। सत्य की जीत होगी। जनता की आवाज जीतेगी।’’
गुजरात हाई कोर्ट ने मोदी उपनाम वाली टिप्पणी को लेकर आपराधिक मानहानि मुद्दे में कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर रोक लगाने का निवेदन खारिज कर दिया।
गुजरात में बीजेपी (भाजपा) के विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा पंजीकृत 2019 के मुद्दे में सूरत की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट न्यायालय ने 23 मार्च को राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के अनुसार दोषी ठहराते हुए दो वर्ष कारागार की सजा सुनाई थी।
फैसले के बाद राहुल गांधी को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। राहुल गांधी 2019 में केरल के वायनाड से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।