इस महीने के अंत तक हिंदुस्तान में Covid-19 टीकाकरण का आंकड़ा 200 करोड़ डोज को छूने की आसार है। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने न्यूज 18 के साथ विशेष वार्ता में अपने विचार पेश किए। वार्ता में उन्होंने बोला कि टीकाकरण अभियान ही था जिसने हिंदुस्तान को बचाया है और हम करीब 90 प्रतिशत मौतों को रोक सके। कोविड की वजह से हिंदुस्तान में करीब 5.25 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई। हिंदुस्तान में मृत्युदर 1.2 फीसद थी जो अन्य कई विकसित राष्ट्रों की तुलना में बहुत कम थी। आज की तारीख तक हिंदुस्तान में वैक्सीन के करीब 198 करोड़ डोज लग चुके हैं।
मंडाविया ने मीडिया को बताया, “हम 90 फीसद मौतों को रोक सके इससे बड़ी हमारे लिए कोई उपलब्धि नहीं हो सकती है। यह सब कुछ टीकाकरण अभियान की वजह से संभव हो सका। नहीं तो दूसरे राष्ट्रों में तीसरी लहर में भी लोगों ने अपनी जान गंवाई है। अमेरिका और यूरोप जैसे राष्ट्रों में इस वर्ष की आरंभ में तीसरी लहर की वजह से मरने वालों की संख्या काफी अधिक थी, हालांकि हिंदुस्तान में इसका कोई खास असर नहीं दिखा।”
उन्नति के सोपान
जब मंडाविया ने ठीक एक वर्ष पहले स्वास्थ्य मंत्रालय का कार्यभार संभाला तब तक हिंदुस्तान में करीब 35 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी थी। तब से अब तक इस अभियान की गति धीमी नहीं पड़ी बल्कि इसमें तेजी दिखी और आज की तारीख तक करीब 198 करोड़ डोज लग चुके हैं। इसमें करीब 92 करोड़ लोगों को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं जबकि 4.72 करोड़ को एहतियाती डोज दी गयी है। मंडाविया ने बताया कि 200 करोड़ डोज के इस यात्रा में कई बार ऐसा हुआ जब हमने एक ही दिन में एक करोड़ से अधिक वैक्सीन के डोज लगाए थे।
पूरी स्थिति पर रखी गई बारीकी से नजर
जब तीसरी लहर ने हिंदुस्तान में दस्तक दी तो मंडाविया की अध्यक्षता में पीएम के वैज्ञानिक सलाहकार, स्वास्थ्य सचिव, औषधि और बायोटेक्नोलॉजी विभाग, इम्यूनाइजेशन पर बने राष्ट्रीय तकनीकी राय समूह के अध्यक्ष और दूसरे अहम जानकारों के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रतिदिन सुबह बैठक होती थी और पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर रखी गई। बैठक में शामिल सभी लोगों को अंतर्राष्ट्रीय विकास, वैक्सीन से जुड़े अपडेट, दवाओं की स्थिति का शोध करने का कार्यभार सौंपा गया ताकि किसी तरह का कोई संकट खड़ा ना हो और जीनोम सीक्वेंसिंग पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडहेनोम घेब्रेयसस ने बोला है कि, कोविड के ओमिक्रॉन वेरिएंट का नया उपवेरिएंट BA.2.75 हिंदुस्तान में मिल चुका है। इस पर मंडाविया का बोलना है कि हिंदुस्तान में हमारा नज़र तंत्र बहुत मजबूत है और हम जिला स्तर पर जीनोम सीक्वेंसिंग कर रहे हैं जिससे हमें फैल रही स्ट्रेन के बारे में ताजा जानकारी मिल सकेगी।
नए उपवेरिएंट से घबराने की आवश्यकता नहीं
स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का बोलना है कि ओमिक्रॉन के मुख्य वेरिएंट के बाद उसका उपवेरिएंट इतना खतरनाक नहीं है और उससे ज्यादातर हल्का बुखार होता है। यह एकदम हल्के इन्फ्लूएंजा की तरह है जो मौसम बदलने पर हो जाता है। सूत्रों का बोलना है कि हिंदुस्तान में Covid-19 अब लगभग अंत की ओर है।
सूत्रों ने बताया कि दूसरे डोज और बूस्टर डोज के बीच में अंतराल को 9 महीने से घटाकर 6 महीने करने का निर्णय NTAGI और वैज्ञानिकों की राय पर लिया गया है।