मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सियासी गुरु दिघे की 2002 में एक सड़क हादसा के बाद मौत हो गई थी. शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के ज्यादातर विधायकों के बगावत करने के बाद जून में ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था.
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को परोक्ष रूप से चेतावनी देते हुए शनिवार को बोला कि यदि उन्होंने (शिंदे ने) कहा तो ‘भूकंप’ आ जाएगा. राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) और कांग्रेस पार्टी के साथ हाथ मिलाने के ठाकरे के निर्णय पर प्रश्न उठाते हुए शिंदे ने यह भी बोला कि वह जानते हैं कि शिवसेना के दिवंगत नेता आनंद दिघे के साथ क्या हुआ था. उन्होंने दिघे का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं इस बात का गवाह हूं कि ‘धर्मवीर’ के साथ क्या हुआ था.’’गौरतलब है कि शिंदे के सियासी गुरु दिघे की 2002 में एक सड़क हादसा के बाद मौत हो गई थी. शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के ज्यादातर विधायकों के बगावत करने के बाद जून में ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था. सीएम ने मालेगांव में एक रैली में कहा, ‘‘उन्होंने बालासाहेब ठाकरे की विरासत बचाने के लिए बगावत की. यदि मैंने इंटरव्यू देना प्रारम्भ किया तो भूकंप आ जाएगा…कुछ लोगों के विपरित मैंने छुट्टियां मनाने के लिए हर वर्ष विदेश यात्रा नहीं की. ’’
शिंदे ने उल्लेख किया कि शिवसेना के संस्थापक की पुत्रवधू स्मिता ठाकरे और उनके (बालासाहेब के) बड़े पोते निहार ठाकरे ने उनका (शिंदे का) समर्थन किया है. उन्होंने बोला कि बागी विधायकों को गद्दार बोला जा रहा है. उन्होंने प्रश्न किया, ‘‘आप उन्हें क्या कहेंगे जिन्होंने महज सीएम बनने के लिए बालासाहेब की विचारधारा से समझौता कर लिया.’शिंदे ने कहा,‘‘आप बीजेपी के साथ गठजोड़ कर चुनाव लड़ें और फिर सीएम बनने के लिए कांग्रेस पार्टी तथा राकांपा के साथ मिलकर गवर्नमेंट बना ली. क्या यह विश्वासघात नहीं है?’’ सीएम ने दावा किया कि बीजेपी और उनके नेतृत्व वाला शिवसेना का गुट अगले विधानसभा चुनाव में 288 सीट में 200 पर जीत दर्ज करेगा.