कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर आतंकियों से संबंध रखने का लगाया आरोप
- भाजपा आतंकवाद के मुद्दे में आत्मनिर्भर हो गई है: कांग्रेस पार्टी नेता
- कांग्रेस हिंदुस्तान विरोधियों के साथ मिलकर राष्ट्रवाद पर प्रहार करने की रचती है साजिश: बीजेपी प्रवक्ता
कांग्रेस पार्टी के संचार प्रमुख पवन खेड़ा ने शनिवार को बीजेपी पर आतंकियों से संबंध रखने का आरोप लगाया. उन्होंने बोला कि बीजेपी राष्ट्रवाद की आड़ में राष्ट्र को खोखला करने के लिए घिनौना खेल खेल रही है. पार्टी के राज्य कार्यालय ‘राजीव भवन’ में शनिवार को खेड़ा ने बोला कि हाल के जघन्य अपराधों और आतंकवादी घटनाओं के आरोपी व्यक्तियों के साथ बीजेपी के कथित संबंधों ने पार्टी का पर्दाफाश कर दिया है. खेड़ा ने कहा, “कांग्रेस पार्टी आतंकवाद पर राजनीति के पक्ष में कभी नहीं रही है. लेकिन आज जो हालात हैं और जिस तरह से एक के बाद एक घटनाओं में लगातार आतंकवादियों तथा अपराधियों के तार बीजेपी से जुड़े मिले हैं. ऐसे में प्रश्न पूछना महत्वपूर्ण हो जाता है. आप भी सोचिए और समझिए कि बीजेपी राष्ट्रवाद की आड़ में राष्ट्र के साथ कितना घिनौना खेल खेल रही है.” कांग्रेस पार्टी नेता ने कहा, ”पिछले दिनों उदयपुर में कन्हैयालाल जी की मर्डर में शामिल एक आरोपी मोहम्मद रियाज अख्तरी बीजेपी का कार्यकर्ता निकला. इसने बाकायदा बीजेपी के नेताओं की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ली थी. वहीं जम्मू और कश्मीर में ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों में से एक तालिब हुसैन शाह बीजेपी का पदाधिकारी निकला. जब यह पकड़ा गया तब वह पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर हमले की योजना बना रहा था.”
”हम इन घटनाओं पर राजनीति नहीं करना चाहते हैं, लेकिन लोगों को तथ्यों को जानना चाहिए”
उन्होंने कहा, ”मीडिया में यह बात भी सामने आई है कि अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे की मर्डर के कथित मास्टरमाइंड इरफान खान का निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा से संबंध है. राणा दंपति का भाजपा से क्या रिश्ता है ये किसी से छिपा नहीं है. इरफान खान राणा दंपति के लिए प्रचार करता था और वोट मांगता था.” खेड़ा ने कहा, ”हम इन घटनाओं पर राजनीति नहीं करना चाहते हैं, लेकिन लोगों को तथ्यों को जानना चाहिए. आश्चर्य की बात यह है कि नुपुर शर्मा और रियाज अख्तरी दोनों ही बीजेपी से ताल्लुक रखते हैं. हिंदुस्तान कब ‘आत्मनिर्भर’ बनेगा, यह हम नहीं जानते हैं. लेकिन बीजेपी आतंकवाद के मुद्दे में आत्मनिर्भर हो गई है.” खेड़ा ने इस दौरान बीजेपी पर बेरोजगारी, महंगाई, अर्थव्यवस्था की नाकामी जैसे जरूरी मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने बोला कि बीजेपी समाज में अशांति और नफरत का माहौल बनाना चाहती है. तथा फिर एक विशेष धर्म का ‘ठेकेदार’ बनकर वोट मांगती है. ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द पर पूछे गए एक प्रश्न पर, खेड़ा ने बोला कि आतंकवाद का कोई रंग या मजहब नहीं होता है. उन्होंने कहा, ”मैं इस शब्द के विरूद्ध हूं. आरके सिंह जो गृह सचिव थे (संप्रग शासन के दौरान) वह आदमी थे जिन्होंने सबसे पहले इस शब्द को दिया. वह अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता बन गए हैं. आतंकी एक आतंकी होता है. आतंकवाद का कोई रंग या धर्म नहीं होता. चाहे वह नाथूराम गोडसे हो, या रियाज अख्तरी या तालिब हुसैन शाह, एक आतंकी केवल एक आतंकी होता है.”
आतंकवादियों से बीजेपी का रिश्ता जोड़ा जाना घोर आपत्तिजनक है: बीजेपी प्रवक्ता
खेड़ा के आरोपों के बाद बीजेपी के प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने बोला कि बीजेपी की गवर्नमेंट ने ही आतंकवाद के विरूद्ध पोटा जैसा कठोर कानून बनाया था. कांग्रेस पार्टी के राज में आतंकवाद को किस प्रकार खुली छूट मिली हुई थी, सभी जानते हैं. उन्होंने बोला कि कांग्रेस पार्टी द्वारा साजिशन आतंकियों से बीजेपी का रिश्ता जोड़ा जाना घोर आपत्तिजनक है. श्रीवास्तव ने बोला कि सारा राष्ट्र और सारी दुनिया जानती है कि कांग्रेस पार्टी हिंदुस्तान विरोधियों के साथ मिलकर राष्ट्रवाद पर प्रहार करने की षड्यंत्र रचती है. उन्होंने बोला कि आतंकवाद और आतंकवादियों से रिश्ता क्या है? कांग्रेस पार्टी नेता पवन खेड़ा को यह प्रश्न अपनी कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं से पूछना चाहिए.