केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बोला कि गवर्नमेंट ने राष्ट्र के हर जिले में कम से कम तीन रजिस्टर्ड गाड़ी कबाड़ केंद्र खोलने की योजना बनाई है। गडकरी ने गाड़ी कलपुर्जा विनिर्माताओं के संगठन एसीएमए (ACMA) के सालाना कार्यक्रम में बोला कि सड़क मंत्रालय को रोपवे, केबल कार और फनिक्युलर रेलवे (Ropeway, Cable Car and Funicular Railway) के लिए 206 प्रस्ताव मिले हैं।
एक वर्ष पहले प्रारम्भ हुई गाड़ी कबाड़ नीति
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘सरकार हर जिले में तीन रजिस्टर्ड गाड़ी कबाड़ सुविधाएं या केंद्र खोल सकती हैं।’ प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले वर्ष अगस्त में राष्ट्रीय गाड़ी कबाड़ नीति प्रारम्भ की थी और बोला था कि यह बेकार हो चुके और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सिस्टेमेटिक ढंग से खत्म करने में सहायता करेगा।
भारत में अपनाएं ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड
इसके अतिरिक्त नितिन गडकरी ने बोला कि हिंदुस्तान में ज्यादातर गाड़ी विनिर्माता पहले ही छह एयरबैग वाली कारों का निर्यात कर रहे हैं। उन्हें हिंदुस्तान में भी कारों के लिए इस तरह के सेफ्टी स्टैंडर्ड अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बोला कि गाड़ी विनिर्माताओं को छोटी सस्ती कारों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए। गडकरी ने एसीएमए के सालाना सत्र को संबोधित करते हुए बोला कि हर वर्ष लगभग पांच लाख सड़क दुर्घटनाओं में 1.5 लाख लोगों की मृत्यु होती है और तीन लाख से अधिक लोग घायल होते हैं।
लोगों के जीवन के बारे में क्यों नहीं सोच रहे?
उन्होंने कहा, ‘भारत में ज्यादातर गाड़ी विनिर्माता छह एयरबैग वाली कारों का निर्यात कर रहे हैं। लेकिन, हिंदुस्तान में आर्थिक लागत के कारण वे झिझक रहे हैं।’ गडकरी ने आश्चर्य जताया कि गाड़ी विनिर्माता हिंदुस्तान में सस्ती कारों का इस्तेमाल करने वाले लोगों के जीवन के बारे में क्यों नहीं सोच रहे हैं। मंत्री ने बोला कि राष्ट्र में दुर्घटनाओं को कम करना समय की मांग है।