कद्दावर अदाकारा और सपा की नेता जया बच्चन ने महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी के मुलाकात की। उनके साथ शिवसेना (उद्धव गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) के अन्य नेताओं सहित स्त्री नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल था। जया समेत अन्य नेताओं ने गवर्नर से महाराष्ट्र गवर्नमेंट के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार की कम्पलेन की। अब्दुल ने स्त्रियों के विरूद्ध कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जया ने मुलाकात के बाद बोला कि वह अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी।
जया बच्चन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, “आज हम गवर्नर से मिले हैं और हम जल्द ही राष्ट्रपति से भी मिलेंगे। स्त्रियों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजनेताओं सहित कोई भी व्यक्ति, जो स्त्रियों के विरूद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करता है, उसे एक उदाहरण पेश करने के लिए बाहर कर देना चाहिए।”
सुप्रिया सुले की एक टिप्पणी का उत्तर देते हुए कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार ने टकराव खड़ा कर दिया। सुप्रिया ने बोला था, “सत्तार ने स्वयं कुछ दिन पहले बोला था कि विपक्ष भी खोखे(पैसे लेने) का फायदा उठा सकता है, क्योंकि बागी विधायकों पर ऐसा करने का आरोप लगाया गया था।” इस पर अब्दुल सत्तार ने सुप्रिया के विरूद्ध निंदनीय शब्दों का उपयोग किया था।
इसके बाद महाराष्ट्र के भिन्न-भिन्न हिस्सों में अब्दुल सत्तार के विरूद्ध विरोध प्रदर्शन हुए। सत्तार को कैबिनेट से हटाने की मांग को लेकर शरद पवार की एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने नागपुर, पुणे, जलगांव, नासिक, अमरावती, जालना, लातूर, रत्नागिरी, बारामती और नंदुरबार में विरोध प्रदर्शन किया। नासिक में अब्दुल के पुतले को जूते से पीटा और उनके विरूद्ध नारेबाजी की गई।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली बालासाहेबंची शिवसेना के नेताओं ने सिल्लोड में एक रैली में बोला कि उन्होंने अपने एक शब्द के लिए माफी मांगी थी। इस बीच, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर अप्रत्यक्ष रूप से तंज कसते हुए बोला कि “दोनों पक्षों को एक आचार संहिता का पालन करना चाहिए। अब्दुल सत्तार ने जो बोला वह गलत था और उनका बचाव नहीं किया जा सकता। हम इस तरह की भाषा के उपयोग का हमेशा विरोध करेंगे।