Indians In Sudan: सूडान में अनिश्चित सुरक्षा स्थिति के बीच कई राष्ट्रों के नागरिक वहां फंस गए हैं, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं। पीएम मोदी ने शुक्रवार को ऑफिसरों को संघर्ष-ग्रस्त राष्ट्र में फंसे लगभग 3,000 भारतीय नागरिकों के लिए निकालने के लिए इमरजेंसी प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, जापान और दक्षिण कोरिया उन राष्ट्रों में शामिल हैं जो सूडान से अपने नागरिकों को निकालने की योजना पर काम कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने सूडान में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक हाई लेवल बैठक की अध्यक्षता की।
निकासी योजनाएं बनाने के निर्देश
बैठक में पीएम ने तेजी से बदलते सुरक्षा हालात और विभिन्न विकल्पों की व्यावहारिकता को ध्यान में रखते हुए इमर्जेंसी में सुरक्षित ढंग से निकासी योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक में पिछले सप्ताह गोली लगने से घायल एक भारतीय नागरिक की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया।
‘भारतीयों को हरसंभव सहायता पहुंचाई जाए’
प्रधानमंत्री ने ‘सभी संबंधित ऑफिसरों को सावधान रहने, घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखने और सूडान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का लगातार मूल्यांकन करने करने का निर्देश दिया।’ उन्होंने बोला कि हिंसा प्रभावित क्षेत्र में हिंदुस्तानियों को हरसंभव सहायता पहुंचाई जाए।
प्रधानमंत्री ने सूडान के साथ-साथ क्षेत्र के उन पड़ोसी राष्ट्रों के साथ भी घनिष्ठ संपर्क बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया, जहां हिंदुस्तानियों की संख्या अधिक है।
बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर (जो गुयाना से शामिल हुए), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सूडान में राजदूत बी एस बधाई सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।
बता दें विदेश मंत्री एस। जयशंकर पहले ही सूडान की स्थिति पर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मिस्र के विदेश मंत्रियों के साथ चर्चा कर चुके हैं और उन्होंने हिंदुस्तानियों की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक योगदान देने का भरोसा दिया। उन्होंने गुरुवार को सूडान के लगातार बिगड़ते हालात पर संयुक्त देश महासचिव एंतोनियो गुतारेस से चर्चा की थी. इस चर्चा में उन्होंने कूटनीतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से जमीनी स्तर पर एक व्यावहारिक युद्ध-विराम लागू कराए जाने के विकल्पों पर वार्ता की थी.
सूडान में चल रही खतरनाक लड़ाई
सूडान में पिछले एक हफ्ते से राष्ट्र की नियमित सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्स नामक एक अर्धसैनिक समूह के बीच खतरनाक लड़ाई चल रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, हिंसा में अब तक 413 लोग मारे गए हैं और 3,551 अन्य घायल हुए हैं।
गुरुवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त देश महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात करने वाले जयशंकर ने राष्ट्र में स्थिति पर चर्चा करने के लिए सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र के अपने समकक्षों से भी बात की है।