जम्म-कश्मीर के पुंछ में हुए आतंकवादी हमले के बाद सेना, जम्मू और कश्मीर और अर्धसैनिक बल अलर्ट मोड पर हैं. बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. करीब 2000 कमांडो सर्च ऑपरेशन में लगे हुए हैं. इस बीच 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू और कश्मीर के पूर्व सीएम डाक्टर फारूक अबुल्ला ने गवर्नमेंट से मांग की है कि बेगुनाहों को परेशान न किया जाए. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट पुंछ में हमला रोकने में विफल रही है. सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक हुई है. इसकी जांच होनी चाहिए.
अब्दुल्ला ने बोला कि सुरक्षा के नाम पर लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनकी पिटाई की जा रही है, जो पूरी तरह से गलत है.
अब्दुल्ला बोले- मीरवाइज को रिहा किया जाए
फारूक अब्दुल्ला ने हजरतबल श्रीनगर में ईद की नमाज अदा की और पत्रकारों से बात करते हुए बोला कि बेगुनाह लोगों को अरैस्ट किया जा रहा है और फिर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में ईद की नमाज की अनुमति नहीं देने पर खेद व्यक्त करते हुए बोला कि ऐसा नहीं होना चाहिए था. यहां तक कि मीरवाइज उमर फारूक को भी रिहा किया जाना चाहिए. उन्हें मंच से तकरीर देने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि लोग लाभान्वित हो सकें.
हमले में शहीद हुए थे पांच जवान
पुंछ जिले में गुरुवार की दोपहर सवा तीन बजे के करीब आतंकवादियों ने जम्मू-पुंछ नेशनल हाइवे से गुजर रहे सेना के ट्रक पर हमला कर दिया था. आतंकवादियों ने बारिश और लो विजिबिलिटी की आड़ में पहले फायरिंग की, उसके बाद ग्रेनेड से हमला कर दिया था. इससे ट्रक में आग लग गई. इस हमले में पांच जवान शहीद हो गए थे. जबकि एक जवान घायल हुआ था.
शहीद जवानों में हवलदार मनदीप सिंह, एल/एनके कुलवंत सिंह, सिपाही हरकिशन सिंह और सिपाही सेवक सिंह शामिल थे, ये सभी पंजाब के रहने वाले थे. वहीं उड़ीसा के एल/एनके देबाशीष बिस्वाल भी शहीद हुए.