हिंदुस्तान की अध्यक्षता में वर्ष की पहली जी20 की बैठक के लिए हिंदुस्तान तैयार है और अपने अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को अगले वर्ष फरवरी में होने वाली इस बैठक के लिए गुजरात में कच्छ के रण और मध्य प्रदेश के खजुराहो ले जाया जाएगा। पहली पर्यटन कार्य समूह की बैठक का आयोजन कच्छ के रन में 8-10 फरवरी को और पहली सांस्कृतिक कार्य समूह की बैठक 23-25 फरवरी को खजुराहों में आयोजित की जाएगी। जी20 की हिंदुस्तान की वर्ष भर चलने वाली अध्यक्षता में 4-7 दिसंबर को उदयपुर में पहली शेरपा बैठक की जाएगी।
फरवरी तक चलने वाली अन्य बैठकों को लेकर भी निर्णय लिया जा चुका है जो मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे, तिरुवनंतपुरम, चंडीगढ़, जोधपुर, चेन्नई, इंदौर और लखनऊ में आयोजित होंगी। इन बैठकों में से दो का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। वर्ष भर की इस अध्यक्षता के लिए G20 सचिवालय ने कई वर्टिकल्स तैयार किए हैं जैसे जी 20 ऑपरेशंस, सुरक्षा, ब्रांडिंग, सामान, मीडिया, आईटी और एक वर्टिकल मुख्य समन्वयक का भी होगा जो पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला होंगे। भिन्न-भिन्न कार्यक्रमों के लिए सात कार्यदल बनाए गए हैं।
एक्सपर्ट्स के बीच होंगी कई बैठक
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को जी 20 यूनिर्वसिटी कनेक्ट इवेंट में बोला कि इस दौरान 200 बैठकें हिंदुस्तान में होंगी जो कि मंत्रियों और ऑफिसरों से लेकर-अपने क्षेत्र में एक्सपर्ट्स के बीच होंगी। सिविल सोसाइटी से लेकर युवाओं की बैठकें भी होंगी। जयशंकर के अनुसार इस अध्यक्षता का महत्व देखते हुए G 20 को केवल दिल्ली केंद्रित न करके देशभर में इसके आयोजन की तैयारी की जाएगी। ऐसा करके दुनिया को हिंदुस्तान की बेमिसाल विविधता और समृद्ध विरासत देखने को मिलेगी।
इसके अलावा, जनभागीदारी यानी G 20 को लोगों तक पहुंचाना मॉडल के अनुसार हिंदुस्तानियों से सुझाव मांगे जाएंगे कि किस तरह इस अध्यक्षता को और कार्यमुखी (action oriented) बनाया जाए। G 20 सदस्यों के परामर्श से हिंदुस्तान ने बोला है कि वे बेहतर दुनिया की खोज में हिंदुस्तान की अध्यक्षता के दौरान G 20 की चर्चाओं में उन्हें अहमियत देने और चैंपियन बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेगा।
जयशंकर का मानना है कि G20 के Youth20 Engagement Group के अनुसार हिंदुस्तान कौशल विकास, भविष्य के रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य, और विकास के एजेंडा में युवाओं की बराबर भागीदारी पर फोकस करेगा। जयशंकर ने कहा, ‘जनभागीदारी के तहत, मैं युवाओं को यूनिवर्सिटी में G20 मुद्दों पर चर्चा और कॉलेज में मॉडल यूएन बैठकों जैसे कार्यक्रमों के आयोजन को करने के लिए प्रोत्साहित करूंगा। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों द्वारा G20 प्रतिनिधियों का स्वागत करें।