Delhi Schools Closed: दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के कारण सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह जल जमाव और सड़कों में गड्ढों की वजह से सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय किया है। दिल्ली गवर्नमेंट ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार को सभी विद्यालयों को बंद रखने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बारिश को लेकर बयान जारी कर बोला कि दिल्ली में पिछले 2 दिनों से हो रही मूसलाधार बरसात और मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए कल सोमवार को दिल्ली के सभी विद्यालयों को एक दिन के लिए बंद किया जा रहा है। इस मद्देनजर शिक्षा मंत्री आतिशी ने भी शिक्षा निदेशालय को निर्देश हैं। आतिशी ने बोला कि कुछ दिनों से लगातार बारिश से दिल्ली में अप्रत्याशित स्थिति देखने को मिली है। ऐसे में बच्चों को दुबारा विद्यालयों में बुलाने से पहले विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण करवाना होगा।
शिक्षा मंत्री आतिशी ने संबंधित विभाग से बोला कि विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान कोई कमी या परेशानी पाई जाती है तो उसे तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने शिक्षा सचिव को आदेशों का तुरंत पालन करने और रविवार रात ही उससे संबंधित रिपोर्ट पेश करने को कहा। उन्होंने बोला कि बच्चों की सुरक्षा से बढ़कर हमारे लिए कुछ नहीं है। दिल्ली के लाखों पेरेंट्स ने हम पर भरोसा दिखाया, उनके भरोसे पर कायम रहना हमारी प्रतिबद्धता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर घोषणा की कि, दिल्ली में पिछले 2 दिनों से हो रही मूसलाधार बरसात और मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए कल दिल्ली के सभी विद्यालयों को एक दिन के लिए बंद किया जा रहा है। बता दें कि सोमवार को दोबारा मौसम के हालात देखने के बाद विद्यालयों को खोलने संबंधित फैसला लिया जायेगा।
शिक्षा मंत्री आतिशी ने बोला कि विभाग को दिए अपने निर्देश में पिछले कुछ दिनों के दौरान, शहर में लगातार भारी बारिश हो रही है। ऐसे में सभी क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक, उप शिक्षा निदेशक, डिस्ट्रिक्ट-जोन, प्रिंसिपल और वाईस-प्रिंसिपल आज से ही अपने भीतर आने वाले सभी सरकारी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि विद्यालय खुलने से पहले विद्यालय में कोई भी ऐसी कमी न रह जाए जो किसी भी तरह से स्कूली बच्चों की सुरक्षा में खतरा पैदा करे। निरीक्षण के दौरान कोई कमी या परेशानी पाई जाती है तो उसे तुरंत दूर किया जाए।