Gujarat Election Result: पिछले वर्ष सितंबर 2021 में जब 60 वर्षीय भूपेंद्र पटेल को गुजरात के सीएम के रूप में विजय रुपाणी की स्थान लेने के लिए चुना गया था, तो राज्य के बाहर के ज्यादातर लोगों ने एक बार के विधायक के बारे में अधिक नहीं सुना था. यहां तक कि बीजेपी (बीजेपी) के लोग भी उन्हें सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के करीबी सहयोगी के रूप में जानते थे. जब उन्हें (आनंदीबेन पटेल) 2016 के पाटीदार आंदोलन के बाद हटा दिया गया था, तब उन्होंने अहमदाबाद में घाटलोडिया सीट पर उनकी स्थान लेने के लिए एक साधारण से आदमी को चुना था.
भूपेंद्र पटेल के सीएम बनने के एक वर्ष से कुछ अधिक बाद हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज की. भाजपा ने एंटी इनकमबेंसी को दूर करते हुए यह जीत दर्ज की है. पार्टी ने चुनाव के लिए मंत्रियों तक के टिकटों को काट दिया. इसके अलावा, कई कद्दावर नेताओं को भी उम्मीदवार नहीं बनाया. गुजरात में मिली इस जीत के बाद एक बार फिर से भूपेंद्र पटेल सीएम बनने के लिए तैयार हैं. चुनाव में उन्होंने भी 212,480 वोटों से जीत दर्ज की, जिसे बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है. इसका जिक्र प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी स्पीच में भी किया.
गुजरात में भाजपा के रिकॉर्ड जीत दर्ज करने के बाद दिल्ली में पीएम मोदी ने कहा, “मैंने प्रचार के दौरान बोला था कि नरेंद्र मोदी का रिकॉर्ड तोड़ना है, भूपेंद्र नरेंद्र का रिकॉर्ड तोड़ेंगे और इसके लिए नरेंद्र पूरे दिल और आत्मा से काम करेंगे.” उन्होंने कहा, ”आज, भूपेंद्र भाई पटेल ने 2 लाख से अधिक मतों से अपनी सीट जीती; यह अभूतपूर्व है, एक विधानसभा सीट को दो लाख वोटों से जीतना कुछ ऐसा है जो लोकसभा सीटों में भी अधिकतर नहीं होता है.”
असाधारण है भूपेंद्र पटेल की निर्णय लेने की शक्ति
बीजेपी के एक पदाधिकारी मुकेश दीक्षित ने कहा, “वह बहुत आसान दिखते हैं, लेकिन उनकी फैसला लेने की शक्ति असाधारण है.” उन्होंने कहा, ”भूपेंद्र पटेल की लो वर्किंग स्टाइल और एबिलिटी की वजह से भाजपा को एंटी-इनकमबेंसी को समाप्त करने में चुनाव में सहायता की. वहीं, पार्टी ने कई नए चेहरों को भी चुनाव में मौका दिया, जिससे लाभ मिला.” भाजपा के एक पदाधिकारी मुकेश दीक्षित ने कहा, “वह बहुत आसान दिखते हैं, लेकिन उनके निर्णय लेने की शक्ति असाधारण है.” उन्होंने कहा, “सिर्फ एक वर्ष में, उन्होंने बिना किसी प्रचार के बहुत सारी समस्याओं को हल किया.” उन्होंने उदाहरण देते हुए बोला कि कैसे उन्होंने बिल्डरों के सामने आने वाली कई बाधाओं और पीएम-आवास योजना के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन के मुद्दों को हल किया.
भूपेंद्र पटेल ही रहेंगे अगले मुख्यमंत्री
बीजेपी ने यह भी साफ कर दिया कि पार्टी का भूपेंद्र पटेल पर भरोसा आगे भी कायम रहने वाला है. राज्य इकाई के प्रमुख सीआर पाटिल ने कहा, “भूपेंद्र पटेल राज्य के सीएम बने रहेंगे और उनका शपथ ग्रहण कार्यक्रम 12 दिसंबर को होगा.” पिछले वर्ष भाजपा द्वारा किए गए परिवर्तनों ने यह सुनिश्चित किया कि Covid-19 की दूसरी लहर के दौरान उपजा क्षेत्रीय असंतोष बेअसर हो जाए. इसके अलावा, भूपेंद्र पटेल की कार्यशैली ने भी पार्टी के लिए कोई नया टकराव खड़ा नहीं किया. राज्य के कई शीर्ष भाजपा नेताओं ने टिकट की घोषणा से पहले सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वे टिकट की दौड़ में नहीं हैं. पूर्व मुख्यमंत्री रुपाणी और नितिन पटेल जैसे लोगों ने बयान दिया कि वे चुनाव से बाहर हो रहे हैं और पार्टी ने युवा पीढ़ी के लिए रास्ता बनाने के लिए उनकी सराहना भी की.
कई लोगों को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं किया फोन
पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बोला कि उनमें से कई को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी सहित शीर्ष नेतृत्व से पर्सनल टेलीफोन आए, जिसमें उन्होंने नए उम्मीदवारों के लिए रास्ता बनाने को बोला था. इसकी वजह से दिग्गजों को उसे स्वीकार करने के अतिरिक्त कोई और विकल्प नहीं था. वहीं, निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देने का कोई प्रश्न नहीं था. मुद्दे की जानकारी रखने वाले शख्स के मुताबिक, भाजपा की लिस्ट सार्वजनिक होने के कुछ दिन पहले ही इस निर्णय की जानकारी दे दी गई थी. नेता ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा, “अगर यही रणनीति हिमाचल प्रदेश में अपनाई गई होती, तो हम वहां 22 बागियों को दौड़ में नहीं देखते.”
काफी सख्त था मंत्रिपरिषद को बदलना
पूरे मंत्रिपरिषद को बदलने का कदम, उस समय काफी सख्त गया था. यह केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सत्ता विरोधी लहर से छुटकारा पाने के लिए महत्वपूर्ण समझा गया. भारतीय शिक्षक शिक्षा संस्थान के कुलपति डाक्टर हर्षद पटेल, जिन्होंने राज्य गवर्नमेंट में भी काम किया है, ने कहा, “बीजेपी के लिए सबसे जरूरी यह है कि जीतने के लिए क्या महत्वपूर्ण है.” उन्होंने आगे कहा, ”यह अर्थ नहीं रखता है कि कौन कब से है या कितना शक्तिशाली है. वे वही करते हैं, जिसे समझते हैं कि वह होना चाहिए.” वहीं, भूपेंद्र पटेल ने भी जीत का श्रेय केंद्रीय नेतृत्व को दिया. उन्होंने बोला कि गुजरात के लोगों ने एक बार फिर से पीएम मोदी और भाजपा के नेतृत्व पर भरोसा जताया है. यदि गुजरात की जनता ने भाजपा को चुना है, तो हमें उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना होगा.